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पिछले साल से बंद है सिकिदरी हाइडल प्लांट, और बढ़ी अवधि तो मेंटेनेंस में हो सकती है परेशानी

  • ऊर्जा विकास निगम कई बार पेयजल और सिंचाई विभाग से कर चुका है पत्राचार
  • लॉकडाउन नहीं होने पर गंभीर होती राज्य में बिजली संकट

Ranchi : राज्य में सिकिदिरी हाइडल पावर प्लांट योजना पिछले साल से ही बंद है. प्लांट में दो यूनिट है. ऐसे में पिछले साल से ही दोनों यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद रहे. अब जब दोनों प्लांट में मरम्मत कार्य हो गया है तो, पानी की कमी के कारण प्लांट शुरू नहीं हो पा रहा. झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड की ओर से सिकिदरी प्लांट शुरू करने की योजना बनायी जा रही है.

निगम की मानें तो ऊर्जा निगम, पेयजल और सिंचाई विभाग के आपसी समन्वय से प्लांट चालू किया जाता है. जनवरी महीने से इस संबंध में विभाग को पत्र लिखा जा रहा है. जिसमें प्लांट शुरू करने कि मांग की जा रही है. लेकिन पेयजल और सिंचाई को प्राथमिकता देते हुए विभाग इसकी अनुमति नहीं दे रहा.

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निगम के अनुसार, लंबे समय तक प्लांट बंद होने से मेंटेनेंस की समस्या होने लगेगी. जिससे निगम को और खर्च करना पड़ सकता है. पिछले साल दोनों यूनिट के मरम्मत में ही निगम को लाखों खर्च करना पड़ा. इसके बाद पानी की राशनिंग के कारण प्लांट बंद है.

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स्टार्टर और बीम में खराबी के कारण बंद रहे यूनिट

सिकिदरी हाइडल पावर प्लांट के दोनों यूनिट तकनीकी खराबी के कारण पिछले साल महीनों बंद रहे. इसमें यूनिट वन का स्टार्टर पिछले साल जून महीने में खराब हो गया था. निगम ने इमरजेंसी फंडिंग की. दिसंबर में इस यूनिट का मरम्मत पूरा हुआ.

वहीं यूनिट टू के बीम में भारी बारिश के कारण अक्टूबर महीने में दरार आ गयी. जिसके बाद यह यूनिट पूरी तरह ठप रहा. इसके लिए निगम ने सात लाख इमरजेंसी फंडिंग की, जिसके बाद यूनिट ठीक हो पाया. दोनों ही यूनिट का मरम्मत कार्य दिसंबर में पूरी की गयी. जिसके बाद डैम में पानी की कमी के कारण प्लांट शुरू नहीं हुआ. अब निगम को प्लांट के मेंटेनेंस की परेशानी सता रही है.

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65-65 मेगावाट है पावर जेनरेशन 

प्लांट के यूनिट से 65-65  मेगावाट पावर जेनरेट किया जाता है. एक यूनिट की क्षमता 100-100 मेगावाट है. ऊर्जा निगम की मानें तो राज्य में अगर लॉकडाउन की स्थिति नहीं रहती तो, बिजली की मांग भी अधिक होती.

तब पेयजल और बिजली दोनों संकट राज्य को होती. ऐसी स्थिति में प्लांट शुरू करना ही पड़ता. लेकिन कोरोना महामारी के कारण स्थिति कुछ और है. बार-बार प्लांट बंद होने से भविष्य में तकनीकी परेशानियां बढ़ सकती हैं. बता दें कि सिकिदरी प्लांट राज्य की एकमात्र हाइडल प्लांट है. जिससे रांची, गुमला, लोहरदगा, खूंटी के आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की जाती है.

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