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हर साल बंटती है 90 करोड़ की छात्रवृत्ति, ई-पोर्टल में कई संस्थानों के नाम नदारद

नहीं मिल रही है अल्पसंख्यकों, एससी, एसटी छात्रों को छात्रवृत्ति

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Ranchi: झारखंड सरकार गरीब, गुरबों की पढ़ाई-लिखाई और उन्हें उच्चतर शिक्षा प्रदान करने के लिए सालाना 400 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति देती है. सिर्फ राजधानी में ही 90 करोड़ रुपये की राशि स्कॉलरशिप के रूप में बांट दी जाती है. यह राशि 2017-18 में बढ़ कर 90.27 करोड़ से अधिक पहुंच गई है.

यहां यह बताते चलें कि जिला कल्याण पदाधिकारी कार्यालय की तरफ से चार करोड़ रुपये सरेंडर भी कर दिये गये. सरकार ने छात्रवृत्ति को लेकर ई-कल्याण पोर्टल भी शुरू किया है. इनमें सभी संबद्ध संस्थानों को प्रत्येक वर्ष पुनर्निबंधन कराना जरूरी है. इसके लिए सरकार के तय फॉर्मेट में आवेदन देना जरूरी है.

झारखंड सरकार की तरफ से पोस्ट-मैट्रिक, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति स्कीम चलायी जाती है. केंद्र प्रायोजित इन दोनों योजनाओं में केंद्र से भी स्कॉलरशिप की राशि दी जाती है. राज्य सरकार की ओर से सभी संस्थानों के लिए ई-कल्याण पोर्टल एक नि‍यत अवधि के लिए शैक्षणिक सत्र के दौरान खोला जाता है. इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक संवर्ग को योग्यता के अनुसार उनके पाठ्यक्रम के हिसाब से शिक्षण शुल्क, छात्रावास शुल्क के रूप में स्कॉलरशिप उपलब्ध करायी जाती है. इसके लिए संस्थान के दाखिला संबंधी दस्तावेज, कोर्स शुल्क, छात्रावास शुल्क का विवरण, जाति प्रमाण पत्र तथा अन्य जरूरी कागजों को पोर्टल में उपलब्ध कराना जरूरी होता है. आजकल सभी आवेदन ऑनलाइन लिए जाते हैं. जिला कल्याण पदाधिकारी को ई-पोर्टल के जरिये सभी दस्तावेजों की पुष्टि के बाद लाभुकों की सूची दे दी जाती है. इसके बाद ही छात्रवृत्ति की राशि लाभुकों के खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है.

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दो वर्षों में रांची जिले में बंटे 158 करोड़

रांची जिले में 2016-17, 2017-18 में 158 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया. 2016-17 में सरकार की तरफ से जिले में छात्रवृत्ति के लिए 90.75 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये गये. इसमें से 68.42 करोड़ रुपये ही खर्च हो सके. वहीं 2017-18 नें सरकार ने 94.99 करोड़ रुपये आवंटित किये, जिसमें से 90.27 करोड़ रुपये लाभुकों के खाते में दिये गये. 2016-17 में 82087 लाभुकों को स्कॉलरशिप दी गई, वहीं 2017-18 में 69405 लाभुकों को छात्रवृत्ति दी गयी.

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एक पुरानी संस्था के 70 छात्रों को तीन वर्ष से नहीं मिल रही स्कॉलरशिप

राजधानी में ही एक पुरानी होटल मैनेजमेंट और मैनेजमेंट संस्था को ई-कल्याण पोर्टल से बाहर कर दिया गया है. यहां के 70 से अधिक छात्र-छात्राओं को 2016-17 से स्कॉलरशिप से महरूम कर दिया गया है. जब इस बात की तहकीकात की गयी, तो पता चला कि जिला कल्याण पदाधिकारी ने ई-कल्याण पोर्टल से आइएसएम पुंदाग को बाहर कर दिया है. अब इसके लिए नये सिरे से लॉग ईन खोल कर छात्रवृत्ति पाने की औपचारिकताएं पूरी करनी होगी. सरकार का यह पोर्टल सभी संबद्ध संस्थानों के लिए 16 जुलाई 2018 से लेकर 13 अगस्त तक ही खुला था. इसमें कई संस्थान ऐसे भी हैं, जो अपना लॉग इन नहीं कर पाये हैं. आदिवासी कल्याण आयुक्त कार्यालय के मार्फत छात्रवृत्ति योजना की देख-रेख की जाती है.

यहां यह बताते चलें कि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति का मामला भी दो-तीन साल तक फंसा रहा था. इसमें मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद भी आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं की जा सकी थी.

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