न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

SC/ST के आरक्षित सरकारी सेवकों को नहीं मिल रहा प्रमोशन, एक ही पद पर काम करते हो जाते हैं रिटायर्ड- हेंब्रम

938

Pravin/Satya Prakash

Ranchi:  राज्य में सरकारी सेवकों की प्रोन्नति के मामले को लेकर अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के कर्माचारियों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है. वरीयता क्रम से प्रोन्नति नहीं मिलने के कारण राज्य में अनुसूचित जनजाति की 60 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के 35% एवं ओबीसी के 45% सरकारी कर्मचारी को प्रमोशन से वंचित रहना पड़ रहा है. प्रोन्नति से वंचित होने के कारण अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणी के सरकारी सेवकों की कार्य क्षमता का भी हार्स भी हो रहा है. न्यूजविंग से विशेष बातचित में ऑल इंडिया एससी- एसटी फोरम के अध्यक्ष बजेंद्र हेंब्रम ने कहा कि बिना प्रोन्नति के एसटी, एसी कर्मचारी सेवानिवृत्त भी होते जा रहे है.

क्या है प्रोन्नति में पेंच

झारखंड उच्च न्यायालय में दायर याचिका संख्या डब्ल्यू पी एस नंबर 3392/16 अमरेंद्र कुमार सिंह बनाम झारखंड सरकार एवं अन्य केस के कारण प्रोन्नति रोकी हुई थी. अब इस आलोक में दिए गए आदेश के तहत नियमित प्रोन्नति देने की प्रक्रिया राज्य सरकार ने शुरू की है.

ऑल इंडिया एससी-एसटी फोरम की क्या है राय

राज्य सरकार के द्वारा प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू तो की गयी है.  लेकिन वरीयता का ध्यान नहीं दिया जा रहा है. 1995 में नियुक्त होनेवाले सरकारी सेवक जो एससी, एसटी श्रेणी के हैं, उनकी प्रोन्नति के मामले में वरीयता क्रम का ध्यान नहीं रखा जा रहा है. 2000 में नियुक्त होने वाले सरकारी सेवकों को 1995 में नियुक्त सेवकों से पहले प्रमोशन दिया जा रहा है.  वही एससी-एसटी फोरम का कहना है कि इस मामले में संविधान, नैसर्गिक न्याय और सरकारी संकल्पों का भी उल्लंधन हो रहा है.

Mayfair 2-1-2020

फोरम के अध्यक्ष का कहना है कि राज्य में वर्तमान समय में आरक्षण की व्यवस्था में छेड़छाड़ करते हुए वरीयता एवं योग्यता प्राप्त आरक्षित श्रेणी के सरकारी सेवकों को प्रोन्नति ना देकर, कनीय अनारक्षित श्रेणी के सरकारी सेवकों को प्रोन्नति दी जा रही है. इस संदर्भ में नियुक्त पदाधिकारियों की दलील है कि आरक्षित श्रेणी के सरकारी सेवक को आरक्षित रोस्टर बिंदू के खाली पदों पर ही प्रोन्नति दी जाएगी, अनारक्षित रोस्टर बिंदू पर नहीं, जो गलत है.

प्रोन्नति को लेकर वरीयता सूची को भी किया गया दरकिनार

कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग झारखंड के द्वारा पत्रांक 3606 दिनांक 1 अगस्त 2011 द्वारा झारखंड सचिवालय सेवा के पदाधिकारियों की वरीयता सूची प्रकाशित की गई थी. जिसमें पवन लाल दास (उपसचिव जिनकी वरीयता क्रम संख्या 204 एवं वरीयता क्रमांक 1488 है) जिनकी नियुक्ति तिथि 24 मई 1980 है, लेकिन उन्हें संयुक्त सचिव में प्रोन्नति ना देकर कनीय पदाधिकारी को प्रमोशन दिया गया.

Sport House

पवन लाल दास की वरीयता को दरकिनार कर जिन्हें दी गई प्रोन्नति

निरंजन कुमार सिन्हा (वरीयता क्रमांक 2034, प्रोन्नत पद संयुक्त सचिव) जिनकी नियुक्ति की तारीख 1 अगस्त 1984 है. वही सत्येन्द्र नारायण सिंह ( वरीयता क्रमांक 2035, प्रोन्नत पद संयुक्त सचिव) , नियुक्ति की तारीख 25 जुलाई 1984. दिलीप कुमार सिन्हा ( वरीयता क्रमांक 2094, प्रोन्नत पद संयुक्त सचिव) नियुक्ति की तारीख 4 दिंसम्बर 1984.

अनुदेशक की प्रोन्नति में भी वरीयता हुई दरकिनार

श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग निदेशालय के कार्यालय आदेश संख्या 253 जिसे 3 मार्च 2017 को जारी किया गया था. इसमें अनुदेशक संवर्ग के अनुदेशकों को मुख्य अनुदेशक के पद पर प्रोन्नति दी गई थी. जिसमें एसी एवं एसटी वर्ग में वरीय होने के बाद भी प्रोन्नति दूसरे वर्ग के लोगों को पहले मिली. अनुदेशक के पद पर नियुक्त एससी,एसटी वर्ग के सरकारी सेवक जो 1998 में नियुक्ति हुए थे.

जिनका वरीयता क्रम 25, 27, 28 ,29 ,30 अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सरकारी सेवक जिनकी वरीयता क्रमांक 52, 54, 55, 56, 57, 58 था. लेकिन प्रोन्नति देने के मामले में जिनकी नियुक्त वर्ष 2000 में हुई है, वैसे सामान्य श्रेणी के अनुदेशकों को जिनकी वरीयता क्रमांक 126, 128 ,130 ,130 ,133, 135, 136, 140, 141 है उन्हें प्रोन्नति दी गयी है. सरकार द्वारा दी गई प्रोन्नति से 75 एससी, एसटी श्रेणी के सरकारी सेवकों की वरीयता को दरकिनार कर अनारक्षित श्रेणी के सेवकों को प्रमोशन दिया गया.

SC/ST श्रेणी के सचिवालय कर्मी की क्या है राय

प्रोन्नति नहीं मिलने के कारण एससी एवं एसटी श्रेणी के सरकारी सेवकों का कार्यक्षमता का हार्स तो हो ही रहा है. राज्य सरकार के सभी विभागों में सरकारी सेवक के सैकड़ों पद रिक्त हैं, ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के पहले ही आरक्षण श्रेणी के कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जा रहे हैं. जिससे हमलोगों को प्रोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

इसे भी पढ़ेंःराजकीय बजट के जेंडर बजटिंग में हो रही है गिरावट

इसे भी पढ़ेंःडॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वद्यालय के प्रोफेसर पर बिहार में एफआइआर

SP Jamshedpur 24/01/2020-30/01/2020

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like