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डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वद्यालय के प्रोफेसर पर बिहार में एफआइआर

फेसबुक पर किये एक पोस्ट को लेकर हुई शिकायत

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Ranchi: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के अंग्रेजी के प्रोफेसर विनय भारत के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना में मामला दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि अपने फेसबुक वॉल पर दो मोबाइल नंबर के साथ उन्होंने एक स्टेट्स पोस्ट किया था. इस पोस्ट में एक मोबाइल नंबर बिहार निवासी कौस्तुभ रंजन का था. जिन्हें पोस्ट के बाद से लगातर फोन कर धमकी मिल रही थी. इससे परेशान होकर कौस्तुभ रंजन ने कांटी थाने में मामला दर्ज करा दिया.

क्या है मामला

फेसबुक पर किया गया पहला पोस्ट

दिनांक 12 दिसंबर 2018 को प्रोफेसर विनय भारत ने फेसबुक पर एक स्टेट्स साक्षा किया जिसके बाद से बिहार निवासी कौस्तुभ रंजन ने उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई. विनय भरत ने फेसबुक पर कुछ इस तरह से स्टेट्स डाला- दो मोबाइल फोन नबंरों को लिखते हुए उन्होंने लिखा कि, ये दो नंबर अगल-अलग लोगों के हैं और दो दिनों से इन्होंने मेरी दो छात्राएं का जीवन हेल कर दिया है. वो इनके बार-बार कॉल से रो रही हैं. मेरे युवा छात्रों, क्या आप इनका हाल-चाल लेना चाहेंगे फोन पर? आप अनजाने में दो मासूमों की सहायता करेंगे. हम सबके लिए एक सिविल पुलिसिंग का मौका है. प्लीज हाल चाल लेकर फीडबैक देने का कष्ट करें.

प्रोफेसर के इस पोस्ट के बाद कोस्तुभ रंजन को लगातार धमकी भरे कॉल आने लगे. परेशान होकर उन्होंने थाने में एफआइआर दर्ज की. इधर मामले की जानकारी होते हैं प्रोफेसर साहब ने फेसबुक पर किये गये पोस्ट को डिलिट किया एवं नये स्टेट्स में लिखा कि गलती से एक नंबर गलत टाइप हो गया, इसके लिए आप सभी से खेद है.

क्या कहा शिकायतकर्ता ने

बिहार निवासी कौस्तुभ रंजन(निखिल आंनद गिरी) ने कहा कि प्रोफेसर विनय भारत को पहले मोबाइल नंबर की जांच कर फेसबुक पर पोस्ट करना चाहिए था. प्रोफेसर साहेब ने एक सोची-समझी साजिश के तहत मेरे नंबर का गलत इस्तेमाल किया है. मुझे कई लोगों के कॉल एवं व्हाट्सएप मैसेज आये. इसमें गंदी-गंदी बातें लिखी गयी थी लड़कियों को लेकर. मामले की गंभीरता को देखते हुए और परेशान होकर मैंने थाने में शिकायत की.

शिकायत के बाद प्रोफेसर विनय ने जताया खेद

अगले दिन प्रोफसर के खिलाफ कोर्ट में मानहानि को शिकायत दर्ज करूंगा. एक शिक्षक होकर इस तरह की बातों को रखना गलत है. सच में अगर उनकी किसी छात्रा के साथ किसी ने गलत किया है तो प्रोफेसर साहेब को उसका नंबर भी सर्वाजनिक करना चाहिए. छात्रा के लिए प्रोफेसर साहेब गंभीर हैं, लेकिन उन्हें उसे न्याय दिलाने ये तरीका गलत है.

प्रोफेसर विनय भारत ने जताया खेद

पूरे मामले को लेकर प्रोफेसर ने कहा कि मानवीय गलती से गलत मोबाइल नंबर पोस्ट हो गया है. इसके लिए मैंने पोस्ट के माध्यम से खेद प्रकट कर दिया है. जहां तक छात्रा की बात है, छात्राएं परेशानी थी इसलिए मैंने छात्रों की मदद की पहल की है. छात्राओं का नाम एवं उनकी शिकायत मैं सार्वजनिक नहीं कर सकता.

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