पटना : बिहार की राजधानी में सोमवार रात हुए एक बम विस्फोट की जिम्मेदारी एक नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) ने ली है। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है और सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के पुलिस प्रमुख को घटना में अतिवाद तथा आतंकवाद के पहलू की जांच के लिए कहा है।
सोमवार को राजधानी के एक रिहायशी इलाके में हुए विस्फोट में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। पुलिस ने बाद में घटनास्थल से दो उच्च संवेदनशीलता के बमों को बरामद किया था।
यहां पुलिस मुख्यालय में एक अधिकारी ने कहा, “पीएलएफआई के एक स्वघोषित प्रवक्ता ने मंगलवार को समाचार पत्रों व टेलीविजन चैनलों के पटना स्थित कार्यालयों में टेलीफोन किया और सोमवार को हुए विस्फोट में समूह की संलिप्तता का दावा किया।”
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के एक दल ने घटना में किसी आतंकवादी संगठन के शामिल होने को लेकर मंगलवार को जांच शुरू की। अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और वहां से सबूतों को इकट्ठा किया।
पुलिस ने कहा कि बम से लोटस ब्रांड का एक टाइमर उपकरण जुड़ा हुआ था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की जनसभा में साल 2013 में हुए विस्फोट के दौरान एसे ही बम बरामद हुए थे।
नीतीश कुमार ने संवाददाताओं से कहा, “मैंने पुलिस महानिदेशक पी.के.ठाकुर को जांच का आदेश दे दिया है, जो मामले में आपराधिक गतिविधियों, अतिवाद या आतंकवाद का पता लगाएंगे और इस घटना को अंजाम देनेवाले लोगों को बेनकाब करेंगे।”
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मामले में एक संदिग्ध को मंगलवार को नालंदा जिले में हिरासत में लिया गया है। तीन संदिग्धों की पहचान हो गई है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




