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मंजू वर्मा की गिरफ्तारी नहीं होने पर SC की टिप्पणीः ‘बिहार में सबकुछ ठीक नहीं है’

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New Delhi: बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के घर से अवैध कारतूस की बरामदगी के बाद अबतक उनकी गिरफ्तारी नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की. पुलिस की विफलता पर नाखुशी प्रकट करते हुए उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा, ‘बिहार में सबकुछ ठीक नहीं है.’

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पूर्व मंत्री का नहीं मिलना विचित्र- सुप्रीम कोर्ट

न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ को बिहार सरकार ने बताया कि वर्मा कहीं छिपी हुई हैं. मंगलवार को पीठ ने पूर्व मंत्री को गिरफ्तार नहीं करने पर बिहार पुलिस की खिंचाई की थी. पीठ ने कहा, बिहार में सबकुछ ठीक नहीं है. एक पूर्व मंत्री छिप गयी हैं और राज्य को पता नहीं है कि उसकी पूर्व मंत्री अपनी जमानत अर्जी खारिज होने के बाद कहां चली गयीं. पीठ ने इसे ‘विचित्र’ ठहराया.

शीर्ष अदालत को पहले बताया गया था कि मंजू वर्मा की अग्रिम जमानत नौ अक्टूबर को पटना उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी थी. बुधवाई को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान पीठ को यह भी बताया गया कि मुजफ्फपुर आश्रय कांड की जांच कर रही सीबीआई टीम नहीं बदली गयी.

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इस मामले में अदालत की मदद कर रही वकील अर्पणा भट ने मंगलवार को पीठ से कहा था कि उन्हें पता चला है कि मुजफ्फपुर कांड की जांच कर रही सीबीआई टीम के एक सदस्य को बदल दिया गया. जबकि अदालती आदेश था कि उसकी अनुमति के बगैर जांच दल में फेरबदल नहीं किया जाए.

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ब्रजेश ठाकुर पटियाला जेल ट्रांसफर

अपनी पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर के बालिका गृहकांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को दूसरे जेल में शिफ्ट करने की बात कही थी. अदालत के निर्देश पर ब्रजेश ठाकुर को बिहार के भागलपुर कारा से पंजाब की उच्च सुरक्षा वाली पटियाला जेल में स्थानांतरित किया गया. बीती शाम भागलपुर के विशेष केन्द्रीय कारा से कड़ी सुरक्षा के साथ ब्रजेश ठाकुर को आम्रपाली एक्सप्रेस से पटियाला जेल ले जाया गया.

उल्लेखनीय है कि घर से कारतूस मिलने के मामले में पूर्व मंत्री के पति चंद्रशेखर वर्मा ने 29 अक्टूबर को कोर्ट में सरेंडर किया है. जिसके बाद से उन्हें 6 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

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ज्ञात हो कि मंजू वर्मा ने मुजफ्फपुर कांड के बाद बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. दरअसल यह सामने आया था कि मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा ने जनवरी और जून के बीच मुजफ्फरपुर मामले के मुख्य आरोपी से कई बार बातचीत की थी. इस मामले में ठाकुर समेत 11 व्यक्तियों के खिलाफ 31 मई को प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. ठाकुर ही यह आश्रयगृह चला रहा था.

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