
Jamshedpur : पूर्व मंत्री और जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने रविवार झारखंड सरकार को अल्टीमेटम दिया कि अगर वह 21 मई तक मेनहर्ट घोटाला में दोषसिद्ध अभियुक्तों के विरूद्ध मुक़दमा चलाने की ठोस कारवाई नहीं करती, तो वे सरकार को बाध्य करने के लिए कोर्ट जायेंगे. बता दें कि मेनहर्ट घोटाला में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी आरोपी हैं. सरयू ने इस मामले को लेकर सरकार के दबाव में होने का आरोप भी लगाया है और संसदीय कार्य मंत्री के खिलाफ विधानसभा की अवमानना का नोटिस देने की बात कही है. सरयू राय की इस चेतावनी के बाद झारखंड के सियासी माहौल में नया मोड़ आने की उम्मीद है. इधर एसीबी ने टॉफी-टीशर्ट घोटाले और ब़ॉलीवुड गायिका सुनिधि चौहान के कार्यक्रम की जांच भी तेज कर दी है और जमशेदपुर मे टॉफी की आपूर्ति करनेवाले लाला इंटरपाइजेज के मालिक कमलेश अग्रवाल तथा सूर्य मंदिर कमेटी के लोगों के पूछताछ की गयी थी.
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रविवार को सरयू राय ने एक बयान जारी कर कहा कि मेनहर्ट घोटाला में झारखंड उच्च न्यायालय ने अब तक दो बार स्पष्ट आदेश दिया है कि आवेदक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के आयुक्त/ सचिव के पास वाद दायर करने जायें. यदि मामले में तथ्य होगा तो ब्यूरो कारवाई करेगा. सरयू राय ने कहा है कि ब्यूरो द्वारा प्रारंभिक जांच की गयी. जांच में अभियुक्त चिन्हित हो गये. उनका दोष साबित हो गया. जांचकर्ता ने छह माह पहले जांच प्रतिवेदन सौंप दिया है. तत्कालीन नगर विकास मंत्री दोषी पाये गये हैं. उनका नाम अभियुक्तों की सूची में पहले नंबर पर है. ब्यूरो के वरीय अधिकारियों के पास प्राथमिकी दर्ज कर कारवाई करने की संचिका तब से लंबित है.
सरयू राय ने कहा है कि उन्होंने यह मामला अल्प सूचित प्रश्न के माध्यम से उठाया था. इसी साल 20 मार्च को सरकार का उत्तर देते हुए संसदीय कार्यमंत्री ने सदन को सूचित किया था कि दो माह के भीतर सरकार दोष सिद्ध अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई कर देगी. आज 15 मई है. दुखद है कि विधानसभा में सरकार के आश्वासन की अवधि पूरी होने में एक सप्ताह से भी कम समय रह गया है. लगता है सरकार इस मामले में दबाव में है. सरयू राय ने कहा है कि यदि विधानसभा में दिया गया सरकार का आश्वासन 21 मई तक पूरा नहीं होता है, तो वह इस मामले में न्यायालय की शरण लेंगे और संसदीय कार्य मंत्री के खिलाफ विधानसभा की अवमानना का नोटिस विधानसभा अध्यक्ष को देंगे.
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