
Ranchi : झारखंड में मई के बाद कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने लगी थी. मई से अगस्त के मध्य तक प्रतिदिन 1 हजार की औसत से मरीज मिल रहे थे. पलायन कर वापस लौटे मजदूरों के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने की संख्या अधिक थी. अब कोरोना मरीजों की संख्या में काफी कमी आ चुकी है. प्रतिदिन का औसत करीब 400 मरीजों का है. मई से अगस्त तक जब कोरोना मरीजों की संख्या अधिक थी. सभी क्वारंटाइन सेंटर और कोविड अस्पतालों से नाश्ता खाना और पानी को लेकर लगातार शिकायत आ रही थी. उस दौरान प्रशासन की ओर से कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था. अब जब कोरोना मरीजों की संख्या में भारी कमी आ गयी है, तो प्रशासन की ओर से खाना-पानी और नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए टेंडर निकाला जा रहा है. सबसे पहले गुमला जिला प्रशासन ने टेंडर आमंत्रित किया है. जिसके बाद अन्य सभी जिला इसको लेकर टेंडर निकालने की तैयारी में हैं.
इसे भी पढ़ें – अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले में बेनकाब होंगे कई बड़े चेहरे
कोविड केयर सेंटर और डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में मिलेगा खाना
फिलहाल गुमला के सभी कोविड केयर सेंटर और डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में खाना देने के लिए टेंडर निकाला गया है. 15 नवंबर तक टेंडर फाइनल हो जायेगा. जिसके बाद कोरोना संक्रमित मरीजों के जरिये आ रही शिकायत दूर हो जायेगी. उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस प्रक्रिया को पूरा कर लेंगे.
इसे भी पढ़ें – अभी जेल की ही रोटी खानी पड़ेगी हरिनारायण राय को,सजा में मुरव्वत नहीं
लगातार आ रही थी शिकायत
जब मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी उस दौरान संक्रमित लगातार यह शिकायत कर रहे थे कि खाना सही से नहीं मिल रहा है या सिर्फ निम्न स्तर का चावल दाल दे दिया गया है. जबकि नियमों के मुताबिक संक्रमित मरीजों को प्रोटीन युक्त खाना दिया जाना था, जिससे उनमें संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़े.
इसे भी पढ़ें – बिहार के चुनावी मैदान में धूल उड़ा रही झारखंड की ‘पलटन’



