
Jamshedpur : झारखंड सरकार की ओर से शहरी निकाय क्षेत्रों में सर्किल रेट से जमीन व अपार्टमेंट का होल्डिंग टैक्स बढ़ाने का विरोध तेज हो गया है. इसे लेकर गुरुवार को क्षेत्र की जनता सड़क पर उतरी. वहीं बाजार की दुकानें और प्रतिष्ठानें भी बंद रही. बंद समर्थकों का नेतृत्व नगर पंचायत के उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी कर रहे थे.
मनोज ने कहा कि मकानों का होल्डिग टैक्स पहले से तीन गुना से अधिक हो गया है. किसी को दस हजार तो किसी को चालीस हजार की रसीद थमा दी गई है. कई मकान मालिकों को तो 90 हजार तक टैक्स जमा करने का फरमान मिला है. मकान मालिक सवाल उठा रहे है कि टैक्स की राशि में पहले की तुलना में बेतहाशा वृद्धि कैसे हो गयी. क्षेत्र के लोगों को वित्तीय वर्ष 2022-23 में सर्किल रेट से ही होल्डिंग टैक्स जमा करना होगा. लोगों से होल्डिंग टैक्स के अलावा पानी का भी चार्ज नगर पंचायत वसूलता है. वहीं गार्बेज कलेक्शन भी प्रॉपर तरीके से नहीं होता है. ऐसे में लोगों का सवाल है कि क्या गारंटी है, “बढ़ा हुआ होल्डिंग टैक्स वसूलने के बाद शहर में व्यवस्था बदलेगी और बेसिक सुविधाओं में सुधार होगा”.
यह है नयी व्यवस्था
सरकार ने होल्डिंग टैक्स को लेकर नयी व्यवस्था लागू की है. इसके तहत सभी बार स्ट्रक्चर को अलग-अलग कैटेगरी में बांट दिया है. इसमें रेसीडेंशियल, पार्सियल रेसीडेंशियल, कॉमर्शियल एरिया होगा. इसके अलावा राज्य सरकार ने होटल, बार, क्लब, जिम, मैरेज हॉल से तीन गुना अधिक टैक्स लेने का निर्णय लिया है, जबकि दुकान, शोरूम, मॉल, सिनेमा हाल, रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस से 2.5 गुना टैक्स की वसूली होगी. नगर पंचायत के उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि अभी देश करोना जैसी माहमारी से उबर नहीं, उपर से तीन गुना होल्डिग टैक्स बढ़ाना लोगों के लिए सही नही है. उन्होंने बताया कि सर्किल रेट तय होने से लोगों को होल्डिंग टैक्स के एवज में पहले की तुलना में लगभग ढाई गुणा ज्यादा राशि जमा करनी होगी. यही नहीं, खाली प्लॉट के लिए भी होल्डिंग टैक्स की दर में लगभग 75 फीसदी तक इजाफा किया गया है. पहले सरकार की ओर से अब तक सालाना 1.44 रुपये प्रति वर्गफीट की दर से मकान-अपार्टमेंट का होल्डिंग टैक्स वसूल किया जाता रहा. इस दर से 1000 वर्गफीट में बने मकान के लिए 1008 रुपये होल्डिंग टैक्स जमा करना पड़ता था, लेकिन अब निर्धारित सर्किल रेट वसूली होगी.
रोध में सरायकेला-चाईबासा मेन रोड किया जाम
इसके विरोध में गुरुवार को सरायकेला की जनता सड़क पर उतर आयी और सरायकेला-चाईबासा मेन रोड पर कोर्ट के समीप सभी धरना पर बैठ गये. इस बीच नगर अध्यक्ष मीनाक्षी पटनायक भी धरनास्थल पर पहुंची और उन्होंने भी सरकार के फैसले का जमकर विरोध किया. धरना देने वालों ने कहा कि जबतक होल्डिंग टैक्स में बढ़ोत्तरी का निर्णय वापस नहीं लिया जाता है, तबतक आंदोलन जारी रहेगा.
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