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भारी बारिश से निपटने के लिए सड़क मंत्रालय तैयार, निगरानी के लिए 24*7 नियंत्रण कक्ष बनाया गया

आपदा से निपटने व यातायात सुगम बनाने पर फोकस

Nikhil Kumar

Ranchi : देशभर में मानसून की शुरुआत को देखते हुए, MORTH में 24*7 नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जो भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों के संचालन पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे यातायात में व्यवधान, खराब दृश्यता और गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं, जलभराव, सड़क अवरोध और भूस्खलन आदि से उत्पन्न होने वाली समस्याओं की निगरानी करेगा. इस संबंध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय परिवहन भवन की ओर से झारखंड सहित सभी राज्यों को पत्र लिखा है और संबंधित राज्यों  के एनएच व एनएचआई के अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेवारी भी दी है. सभी अधिकारी अपने क्षेत्र की सड़कों की स्थिति की लगातार निगरानी करते हुए भारत सरकार को प्रतिवेदन देंगे. झारखंड से चीफ इंजीनियर सड़क परिवहन मंत्रालय कार्यालय, अशोक नगर, आरओ रांची विजय कुमार को व एनएचएआई रांची के क्षेत्रिय पदाधिकारी को नियुक्त किया गया है.

नियंत्रण कक्ष को तत्काल प्रभाव से चालू किया जायेगा

नियंत्रण कक्ष को तत्काल प्रभाव से चालू किया जाएगा. यह मंत्रालय के सीआर सेक्शन में स्थित होगा और अगले आदेश तक चौबीसों घंटे संचालित किया जाएगा. मंत्रालय ने सप्ताहवार ड्यूटी रोस्टर भी आवंटित किया है. आगे के ड्यूटी रोस्टर अलग से आदेश द्वारा आवंटित किए जाएंगे.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और एनएचआईडीसीएल के क्षेत्रीय अधिकारी भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों के संचालन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर ईमेल (ईमेल[email protected]) के माध्यम से अनुलग्नक-II में संलग्न प्रारूप के अनुसार दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे.

नियंत्रण कक्ष में तैनात अधिकारी निम्नलिखित कार्रवाई करेंगे

जनता और सरकारी एजेंसियों से कॉल प्राप्त करें और स्थिति को हल करने के लिए संबंधित एनएच कार्यान्वयन एजेंसियों को सूचित करें.

टीवी चैनलों सहित इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्लेटफार्मों की निगरानी करें

आरओ और पीडी से इनपुट प्राप्त करके कार्रवाई होगी.

एनएच के संचालन में किसी भी समस्या से संबंधित आरओ/पीडी से कॉल करें और जानकारी एकत्र करेंगे.

नियंत्रण कक्ष में तैनात अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवरोध या क्षति से संबंधित कोई भी सूचना आवश्यक कार्रवाई/निवारण के लिए तुरंत संबंधित आरओएस के ध्यान में लाई जाए. नियंत्रण कक्ष एक रजिस्टर में कॉल करने वाले का नंबर, स्थान, उठाए गए मुद्दे आदि को बनाए रखेगा.

दोपहर 2:00 बजे से रात 10:00 बजे तक ड्यूटी स्लॉट के दौरान नियंत्रण कक्ष ड्यूटी के प्रभारी अधिकारी सभी आरओ से रिपोर्ट संकलित करने के लिए जिम्मेदार होंगे और उन आरओ से संपर्क करेंगे जिनकी रिपोर्ट दिन के अंत तक प्राप्त नहीं होती है. जहां भी लागू हो, शून्य रिपोर्ट भी बिना चूके प्रस्तुत की जानी चाहिए. मंत्रालय, एनएचएआई और एनएचआईडीसीएल के आरओ की राज्यवार सूची उनके टेलीफोन नंबरों की भी सूची दी गयी है.

प्रपत्र में ये जानकारी देनी है

आपदा की पूरी जानकारी देना, आपदा का समय, किसी भी तरह का कोई दुर्घटना, त्वरित रेस्टोरेशन के लिए कितना समय चाहिए.

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