
Ranchi: अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कार्डियक एंबुलेंस रिम्स के गैराज की शोभा बढ़ा रहा है. इसका इस्तेमाल तभी होता है जब किसी वीआईपी या रसूखदार को इसकी जरूरत पड़े. आम लोगों को तो यह मयस्सर ही नहीं. लाखों रुपये का यह एंबुलेंस पिछले दो साल में कुछ ही मौकों पर इस्तेमाल किया गया है. किसी गरीब या जरूरतमंद को इसकी सुविधा नहीं दी जाती. यह एंबुलेंस सरकार द्वारा रिम्स प्रबंधन को उत्कृष्ट सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश से दिया गया था.
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एंबुलेंस में ही दी जाती है आईसीयू की सेवा
कार्डियक एंबुलेंस में आईसीयू जैसी सुविधा उपलब्ध होती है. दिल के गंभीर मरीजों को अस्पताल तक लाने या अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजने में इस एंबुलेंस का काफी प्रयोग होता है. इससे गंभीर मरीजों के बचने की संभावना बढ़ जाती है. लेकिन, रिम्स प्रबंधन के वीआईपी प्रेम के कारण यह एंबुलेंस आम लोगों के बजाए खास लोगों का एंबुलेंस बन कर रह गया है. वेंटिलेटर से लेकर ऑटोमेटिक सुई देने तक की व्यवस्था इस कार्डियक एंबुलेंस में रहती है. एंबुलेंस के साथ चिकित्सक और ट्रेंड मेडिकल टीम भी रहती है.
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यह एंबुलेस नंबर वन चल रहा है
इस विषय पर रिम्स के सुप्रीटेंडेंट डॉ. विवेक कश्यप ने बताया कि यह बिल्कुल गलत है. कार्डियक एंबुलेस नंबर वन चल रहा है. अभी हाल ही में 15 हजार रुपए की बैटरी भी बदलवायी गयी है.




