
Ranchi: देश भर में कोरोना के बढ़ते संकट के बीच लाखों श्रमिकों ने झारखंड वापस लौटना शुरू कर दिया है. कोरोना की आपाधापी और लॉकडाउन लगने की आशंकाओं के बीच सबों को अपने गांव घर पहुंचने की चिंता सताने लगी है. पिछले एक सप्ताह में ही कई स्पेशल ट्रेनों से 5000 से अधिक मजदूर मुंबई, दिल्ली से भाया रांची अपने अपने घरों को लौट भी चुके हैं. यह सिलसिला जारी है.
इसे भी पढ़ें: कोरोना मरीज के आत्महत्या मामले में स्वास्थ्य और पीएचईडी मंत्री ने दिया जांच के आदेश, उपायुक्त सौंपेंगे रिपोर्ट
सांसद महेश पोद्दार ने इसे लेकर चिंता जतायी है. उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में पहल करने की अपील की है. कहा कि श्रमिकों को पलायन करने से रोकने की दिशा में पहल हो. उन्हें कार्यस्थलों पर ही रोके जाने के ठोस प्रयास हों.
झारखण्ड के लाखों मज़दूर देश के बड़े शहरों में काम कर रहे।अभी उनकी चिंता की जाय तो पहलेवाली स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।राज्य की टीम उन्हें उनके कार्यस्थल पर जाकर भरोसा दिलाये,लगातार सम्पर्क हो।सब व्यवस्थित-सुरक्षित रहेंगे। @HemantSorenJMM @BhoktaSatyanand @BannaGupta76 @dprakashbjp
— Mahesh Poddar (@maheshpoddarmp) April 19, 2021
देशभर में फैले हैं श्रमिक
सांसद के मुताबिक देशभर के बड़े शहरों में झारखंड के लाखों मज़दूर काम कर रहे हैं. अभी उनकी भी चिंता की जानी चाहिये. इससे पिछली साल शुरू हुए कोरोना संकट और उसके बाद वाली स्थिति नहीं बनेगी. पहलेवाली स्थिति उत्पन्न नहीं होगी. राज्य की टीम तैयार की जाये. यह टीम श्रमिकों के कार्यस्थल पर जाकर उन्हें भरोसा दिलाये कि वे अपने कार्यस्थल पर बने रहें. उनके हितों की रक्षा सरकार करेगी. इसके लिये श्रमिकों के साथ लगातार सम्पर्क बनाकर रखा जाये. इससे सभी व्यवस्थित-सुरक्षित रहेंगे. अभी निर्यातकों के पास ऑर्डर हैं औऱ उन्हें कामगारों की जरूरत है. सरकार के हस्तक्षेप से श्रमिक पलायन को मजबूर नहीं होंगे. फिलहाल कुछ ट्रेनों के जरिये जो मजदूर आ रहे हैं, उससे आनेवाले समय की तस्वीर दिख रही है.
इसे भी पढ़ें: धनबाद : लॉ कॉलेज के छात्रों ने एग्जाम की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
लॉकडाउन में लौटे थे 9 लाख श्रमिक
गौरतलब है कि पिछले साल मार्च से शुरू हुए कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच अलग अलग राज्यों से लाखों श्रमिक जैसे तैसे झारखंड लौटे थे. बस, ट्रेन और अन्य साधनों के अलावा बड़ी संख्या में पैदल भी वे अपने घरों को आये थे. कईयों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी थी. सरकार (श्रम नियोजन विभाग) के मुताबिक लॉकडाउन और कोराना काल में तकरीबन 9 लाख श्रमिक झारखंड लौटे थे. हालांकि लॉकडाउन अनलॉक होने के साथ अधिकांश वापस अपने अपने कार्यस्थलों पर निकल भी गये थे.
इसे भी पढ़ें: आनेवाले दिन चार दिनों में तापमान में होगी वृद्धि, बढ़ेगी गर्मी




