
Ranchi : महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखण्ड ने उन जिलों के परफॉर्मेंस को लेकर नाराजगी जाहिर की है जहां निर्देशों के बावजूद आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों के बीच अंडा वितरण नहीं किया जा रहा. इस संबंध में विभागीय सचिव मनोज कुमार ने सभी जिलों के समाज कल्याण पदाधिकारी को लेटर भी लिखा है. कहा है कि 03-06 वर्ष के बच्चों को अंडा उपलब्ध कराए जाने के संबंध में पूर्व में पत्रांक 1653, दिनांक 23-7-24 के जरिए निर्देश दिया गया था. इस आधार पर कहा गया था कि जिन जिलों में अभी तक लाभुकों को अंडा वितरण नहीं किया गया है, वहां 15 अगस्त से पूर्व खास कार्यक्रम आयोजित करते अंडा वितरण का काम शुरू कराया जाए. पर इस मामले में हजारीबाग, गिरिडीह, लोहरदगा, सरायकेला, लातेहार को छोड़कर किसी अन्य जिले में पहल नहीं हुई है. इन जिलों को छोड़ कहीं भी आंगनवाड़ी केंद्र में लाभुकों को अंडा नहीं मिल रहा. विभागीय सचिव ने कहा है कि अपने अपने जिले में 03-06 वर्ष के बच्चों के बीच आंगनवाड़ी केंद्रों में अंडा वितरण उपलब्ध कराने को सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों, कर्मियों को निर्देशित किया जाए. अंडा के नियमित आपूर्ति एवं वितरण तक हजारीबाग, लातेहार, गिरिडीह, सरायकेला जिलों को छोड़कर सभी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सीडीपीओ, महिला सुपरवाइजर के वेतन निकासी पर रोक लगाई जाती है. साथ ही सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर अंडा वितरण शुरु कराया जाए.
गौरतलब है कि भोजन के अधिकार अभियान, झारखंड के डेलिगेशन सदस्यों एवं सचिव, महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के साथ बुधवार को आंगनवाड़ी केंद्रों में अंडा वितरण नहीं होने को लेकर चर्चाएं हुई थी. इसके बाद गुरुवार को सचिव के द्वारा निर्देशित पत्र (दिनांक 11 सितंबर 2024) के आधार पर कुछ जिलों को छोड़कर शेष सभी जिलों के अंडा वितरण में लापरवाही करने वाले अधिकारी समाज कल्याण पदाधिकारी, सीडीपीओ एवं पर्यवेक्षक पर वेतन रोकने का आदेश पारित किया गया है.



