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झारखंड में आज से रजिस्ट्री बंद, IT Solution का सरकार के साथ करार खत्म

सरकार को रोजाना दो करोड़ का नुकसान

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Akshay Kumar Jha
Ranchi: आज से झारखंड के सभी जिलों में रजिस्ट्री बंद हो गयी है. वजह बेहद मामूली है. रजिस्ट्री करने के लिए सरकार के भू-राजस्व निबंधन विभाग ने IT Solution नाम की कंपनी के साथ 2013 में पांच साल के लिए करार किया था. कंपनी हर साल के लिए सरकार से पांच करोड़ रुपया ले रही थी. 29 अक्टूबर 2018 यानी एक दिन पहले करार खत्म हो गया. करार खत्म होने के साथ ही कंपनी ने अपने कर्मियों को (जो रजिस्ट्री करते थे) निबंधन कार्यालय जाने से मना कर दिया. ऐसे में राज्य भर में रजिस्ट्री का काम रुक गया. रजिस्ट्री से होनेवाली सरकारी आय की बात करें तो पिछले साल 446 करोड़ रुपए की आय सरकार को हुई थी. उस हिसाब से सरकार को रोजाना करीब दो करोड़ का नुकसान होगा.

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लोगों को हो रही परेशानी

रजिस्ट्री बंद होने से सभी जिलों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रजिस्ट्री विभाग से जुड़े सरकारी कर्मियों को लोगों को जवाब देते नहीं बन रहा है कि आखिर वो कौन सा बहाना बनाएं.

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एजी ने IT Solution के काम-काज पर उठाए थे सवाल

इससे पहले IT Solution जो झारखंड में रजिस्ट्री करने का काम अब तक कर रही थी, वो कई बार विवादों में आयी. एजी (महालेखाकार) ने IT Solution के काम-काज पर सावल उठाया था. एजी ने विभाग से पूछा था कि कंपनी कौन-कौन से काम करती है. किस तरह से कंपनी को भुगतान किया जाता है. लेकिन विभाग की तरफ से कंपनी पर बीते पांच सालों में कोई कार्रवाई नहीं की गयी. ना ही वो तैयारी की गयी जिससे करार खत्म होने के बाद रजिस्ट्री होना बंद ना हो. रजिस्ट्री से आने वाली आय पर इसका असर ना पड़े.

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विभाग ने लिखी कंपनी को चिट्ठी, कंपनी बोरिया-बिस्तर समेटने की तैयारी में

जिस दिन कंपनी का करार खत्म हुआ, उसी दिन विभाग ने एक लेटर कंपनी को लिखा है. चिट्ठी में कंपनी से विभाग ने पूछा है कि वो विभाग के लिए क्या-क्या काम करती थी. सबसे अहम करार के मुताबिक कंपनी को ऑफलाइन सारे रिकॉर्ड बना कर वॉल्यूम के रूप में विभाग को सौंपने थे. लेकिन कंपनी ने बीते पांच सालों में एक भी जिले का वॉल्यूम तैयार नहीं किया. अब विभाग ने कंपनी को साफ तौर पर कहा है कि जब-तक कंपनी विभाग को बीते पांच के वॉल्यूम नहीं सौंपती है, कंपनी अपना सामान जिलों से नहीं उठा सकती. वहीं कंपनी विभाग को धमकी रही है कि वो अपने सारे कम्प्यूटर और दूसरी सामग्री उठा कर ले जाएगी. ऐसे में सारे रिकॉर्ड कंपनी के पास चले जाएंगे. बताते चलें कि जिस कम्प्यूटर से रजिस्ट्री का काम होता था और कम्प्यूटर से संबंधित दूसरे उपकरण कंपनी ने ही मुहैया कराए थे. ऐसे में कंपनी और विभाग की लड़ाई में आम जनता के काम पर असर पड़ने की पूरी आशंका है.

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विभाग अब SBC कंपनी से काम लेने की तैयारी में

सरकार का एक दूसरी कंपनी SBC के साथ भी करीब दो साल पहले करार हुआ था. कंपनी सरकार को मैन पावर सप्लाई करने का काम करती है. विभाग अब इसी कंपनी के कर्मियों को काम पर लगाने की तैयारी में हैं. लेकिन परेशानी SBC के लोगों को रजिस्ट्री में दक्ष करने की है. साथ ही जब-तक विभाग का IT SOLUTION से विवाद खत्म नहीं हो जाता, कंपनी अपने कम्प्यूटर का इस्तेमाल भी नहीं करने देगी. पूरी व्यवस्था फिर से शुरू करने में समय लगने की बात हो रही है.

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करार पूरा नहीं किया तो होगी कार्रवाई, कुछ दिनों में शुरू होगी रजिस्ट्रीः सचिव

न्यूज विंग से बात करते हुए भू-राजस्व निबंधन विभाग के सचिव केके सोन ने बताया कि कंपनी को ऑफ लाइन रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की बात करार में थी. लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया है. अगर कंपनी की वजह से कहीं रजिस्ट्री होनी बंद हो गयी है तो सारी जिम्मेदारी कंपनी की होगी. कंपनी पर विभाग नियम संगत कार्रवाई करेगा. वैसे विभाग ने वैकल्पिक तैयारी भी कर ली है. अगर कहीं परेशानी है तो उसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा.

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