न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

चार माह में रिकॉर्ड 413 अफसर बदले, 40 IAS भी इधर से उधर, हर दिन औसतन दो ऑफिसर का हुआ ट्रांसफर

प्रभार में चल रहा तंत्र, एक अफसर के पास दो से तीन प्रभार

1,363

Ranchi: राज्य में मौसम से भी तेज अफसरों को बदला जा रहा है. पिछले चार माह में राज्य सरकार ने कुल 413 अफसरों का तबादला कर दिया. इस हिसाब से हर दिन औसतन एक से अधिक अफसर का तबादला हुआ है. आईएएस केटेगरी में सीएस रैंक के अफसर से लेकर डीडीसी तक को बदला गया. पिछले चार माह में 40 आईएएस, राज्य प्रशासनिक सेवा के 234 अफसर जिसमें 118 बीडीओ और 56 सीओ भी शामिल हैं. इसके अलावा 106 डीएसपी भी बदले जा चुके हैं.

इसे भी पढ़ेंःन्यूज विंग ब्रेकिंग: IAS आलोक गोयल का रुका प्रमोशन- दंड तय, 1990…

प्रभार में तंत्र, एक अफसर के पास दो-तीन विभाग

पूरा तंत्र अब प्रभार में चल रहा है. एक अफसर के पास दो से तीन विभागों की जिम्मेवारी है. राज्य में आईएएस के 205 पद स्वीकृत हैं. इसमें 162 अफसर ही कार्यरत हैं. 43 पद रिक्त हैं. इसमें नौ अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में हैं.

तबादलों से आर्थिक बोझ, दो करोड़ खर्च

तबादले पर अब तक सरकार के दो करोड़ रुपये भी खर्च हो चुके हैं. अफसरों की बेसिक सैलरी के बराबर टीए और समान ले जाने का खर्च मिलता है. अगर एक आईएएस और आईपीएस का अंतर जिला ट्रांसफर होता है, तो टीए और समान ले जाने के खर्च के रूप में लगभग 50 हजार रुपये मिलते हैं. समान ले जाने के लिये प्रति किलोमीटर 30 से 35 रुपये देने का प्रावधान है.वहीं राज्य के अफसर एसडीओ व डीडीसी रैंक के अफसरों को टीए और समान ले जाने के लिये लगभग 40 हजार रुपये मिलते हैं. राज्य सेवा से एसडीओ बने अफसर ज्वाइंट सेक्रेट्री रैंक के अफसर होते हैं. वहीं राज्य सेवा के अन्य अफसरों को टीए और समान ले जाने के लिये लगभग 30 हजार रुपये मिलते हैं.

इसे भी पढ़ेंःतलाक की अर्जी पर बोले तेजप्रतापः मैं घुट-घुट कर नहीं जीना चाहता

पिछले चार माह में किस रैंक के अफसरों का हुआ तबादला

डीएसपी- 106
बीडीओ- 118
सीओ- 56
आईएएस- 40
आईएएस- 08 (एसडीओ रैंक के )
एसडीओ- 17 (राज्य सेवा संवर्ग)
राज्य सेवा के विभिन्न पदों पर तैनात अफसर- 60
आईपीएस- 08

इसे भी पढ़ेंःपरिवारवाद पर हेमंत ने कहा- शेर का बच्चा क्या कुत्ता पैदा होगा,…

प्रभार में है तंत्र

नाम                                  अतिरिक्त प्रभार
डीके तिवारी:  विकास आयुक्त, अतिरिक्त प्रभार सीएमडी ऊर्जा विकास निगम
इंदूशेखर चतुर्वेदी:  मेंबर बोर्ड ऑफ रेवेन्यू, अतिरिक्त प्रभार वन एवं पर्यावरण
एसकेजी रहाटे: प्रधान सचिव गृह, अतिरिक्त प्रभार कैबिनेट
सुनील वर्णवाल: सीएम के सचिव अतिरिक्त प्रभार सचिव सूचना जनसंपर्क
सत्येंद्र सिंह: प्रधान सचिव राज्यपाल, अतिरिक्त प्रभार निबंधक चिट फंड व मुख्य लेखा नियंत्रक
अजय कुमार सिंह: सचिव नगर विकास, अतिरिक्त प्रभार एमडी जुडको
सुखदेव सिंह: अपर मुख्य सचिव योजना सह वित्त, अतिरिक्त प्रभार एमडी जीआरडीए
प्रशांत कुमार: सचिव वाणिज्य कर, अतिरिक्त प्रभार वाणिज्य कर आयुक्त
हिमानी पांडेय: सचिव कल्याण, अतिरिक्त प्रभार योजना और वित्त
के रवि कुमार: सचिव उद्योग, अतिरिक्त प्रभार जियाडा एमडी
जिशान कमर: निदेशक खान, अतिरिक्त प्रभार एमडी झारखंड औद्योगिक आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड
रमेश कुमार दूबे: निबंधक सहयोग समितियां, अतिरिक्त प्रभार प्रशासक झारखंड राज्य सहकारिता बैंक, रिम्स प्रशासक
अराधना पटनायक: सचिव पेयजल, अतिरिक्त प्रभार रुरल डेवलपमेंट
ब्रजमोहन कुमार: प्रशासक स्वर्णरेखा परियोजना अतिरिक्त प्रभार एमडी झारखंड स्टेट हाउसिंग
केके सोन: सचिव पथ, अतिरिक्त प्रभार, राजस्व निबंधन
शुभ्रा वर्मा: प्रोजेक्ट डायरेक्टर एड्स कंट्रोल सोसायटी अतिरिक्त प्रभार विशेष सचिव कृषि

इसे भी पढ़ेंःन्यूज विंग ब्रेकिंग: फंस गई राज्य में सरकारी नौकरियां, परीक्षा लेने…

तबादलों से क्या होती है परेशानी

तबादले के कारण नये कामकाज को समझने में एक से डेढ़ माह का समय लगता है.
संबंधित विभाग की नियमावली की जानकारी लेनी पड़ती है.
अगर कोई महत्वपूर्ण केस चल रहा है तो उसे समझना पड़ता है.
मैनपावर और योग्य कर्मियों को समझने में लगभग एक माह का समय लगता है.
पुराने अफसर व सचिव के द्वारा लिए गये निर्णय और फाइलें देखने और समझने में समय लगता है.
महत्वपूर्ण निर्णय लेने में कठिनाई होती है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: