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न्यूज विंग ब्रेकिंग: IAS आलोक गोयल का रुका प्रमोशन- दंड तय, 1990 बैच के हैं अफसर

2001 बैच तक के अफसर बन गये हैं सचिव, 1993 बैच तक के अफसर बन गये हैं प्रधान सचिव

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Ravi Aditya

Ranchi: झारखंड के ब्यूरोक्रेट्स भी आरोपों से अछूते नहीं हैं. आरोपों के कारण लगभग आधा दर्जन आइएएस जांच के दायरे में भी हैं. इसमें अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर से लेकर डीसी तक शामिल हैं. अब आरोपों के कारण 1990 बैच के आइएएस आलोक गोयल का प्रमोशन रुक गया है. जबकि 1990 से 1993 बैच तक के अफसर प्रधान सचिव बन गये हैं. 1990 बैच के मुखमीत सिंह भाटिया, एसकेजी रहाटे, 1991 बैच के शैलेश कुमार सिंह, एपी सिंह, 1992 बैच की निधि खरे और 1993 बैच के अविनाश कुमार प्रधान सचिव हैं.

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डिपार्टमेंटल प्रोसिडिंग के कारण प्रमोशन पर लगी है रोक

1990 बैच के अफसर आलोक गोयल का प्रमोशन रुकने की वजह डिपार्टमेंटल प्रोसिडिंग है. सूत्रों के अनुसार, कार्मिक ने आलोक गोयल पर लगे आरोपों की जांच कर पूरी रिपोर्ट यूपीएससी को भेज दी थी. इनपर एक साल निंदन की सजा या इंक्रीमेंट रोकने का भी दंड लग सकता है. राज्य सरकार इस पर मंथन कर रही है. गोयल फिलहाल सचिव रैंक में सुपरटाइम सलेक्शन ग्रेड के लेवल 14 में हैं. वर्तमान में झारखंड भवन नई दिल्ली में ओएसडी के पद पर पदस्थापित हैं.

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2001 बैच तक के आइएएस सचिव बन गये हैं

वर्तमान में 2001 तक के आइएएस सचिव रैंक में पहुंच गये हैं. 2001 बैच के सुरेंद्र कुमार, डॉ अमिताभ कौशल सचिव रैंक में हैं. इन दोनों के अलावा 27 अफसर सचिव रैंक में हैं, जिनमें आलोक गोयल, सुरेंद्र सिंह, राजीव अरूण एक्का, अजय कुमार सिंह, सत्येंद्र सिंह, डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, वंदना डाडेल, एमआर मीणा, सुनील कुमार बर्णवाल, हिमानी पांडेय, आराधना पटनायक, राहुल शर्मा, केके सोन, ब्रजमोहन कुमार, विनय कुमार चौबे, राहुल पुरवार, सुनील कुमार और पूजा सिंघल भी शामिल हैं.

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