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न्यूज विंग ब्रेकिंग: फंस गई राज्य में सरकारी नौकरियां, परीक्षा लेने में जेएसएससी भी असमंजस में

सरकारी विभागों ने स्थानीयता ही नहीं की परिभाषित, भेज दी झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग को अनुशंसा

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Ravi Aditya

Ranchi: राज्य में युवाओं के लिये सरकारी नौकरी की राह शुरू से ही बड़ी कठिन रही है. सरकारी विभागों की लापरवाही के कारण युवाओं की उम्र सीमा भी गुजर गई. अब फिर एक बार सरकारी नौकरी में बड़ा पेंच फंस गया है. हालांकि स्थानीयता परिभाषित होने से पहले जारी किये गये विज्ञापन के अनुसार परीक्षाएं ली जा रही हैं और रिजल्ट भी घोषित किये जा रहे हैं. लेकिन स्थानीयता और नियोजन नीति परिभाषित होने के बाद एक बार फिर पेंच फंस गया है. एक दर्जन से अधिक विभागों ने झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग को अनुशंसा भेजी है, लेकिन कर्मचारी चयन आयोग विभाग की अनुशंसा के अनुसार परीक्षा नहीं ले सकता है.

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कहां फंसा है पेंच, क्या है मामला

स्थानीय व नियोजन नीति के अनुसार, थर्ड ग्रेड की नौकरी के लिए झारखंड का स्थानीय निवासी होना जरूरी है. और फोर्थ ग्रेड की नौकरी के लिए उस जिले का स्थानीय होना जरूरी है. लेकिन विभागों ने जो अनुशंसा झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भेजी है, उसके अनुसार परीक्षा नहीं ली जा सकती. विभागों ने छठे और सातवें वेतन आयोग के अनुसार पदों पर वर्गीकरण किया है. इसके अनुसार पद क्रमश: क, ख, ग और घ श्रेणी में बांटे गये हैं. अब कर्मचारी चयन आयोग के सामने असमंजस की स्थिति यह बन गई है कि वह थर्ड और फोर्थ ग्रेड का पद किसे मानें.

एक दर्जन से अधिक विभागों ने भेजी है अनुशंसा

झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग को एक दर्जन से अधिक विभागों ने अपनी अनुशंसा भेजी है. जिसमें कार्मिक, उत्पाद, जलसंसाधन, श्रम सहित जूनियर इंजीनियर के अधिकांश पदों की अनुशंसा की गई है.

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सरकारी विभागों के कुल 3,78,816 पदों में 1,61,881 खाली

झारखंड के सरकारी विभागों में कर्मचारियों की बहुत ज्¬यादा कमी हैं. कई विभाग ऐसे हैं जो सिर्फ 17 प्रतिशत कर्मचारियों से चल रहे हैं. यहां तक कि राजस्व देने वाले विभागों में भी कर्मचारियों का टोटा है. सरकारी विभागों के कुल 3,78,816 पदों में 1,61,881 खाली हैं. विभिन्न विभागों में 70 प्रतिशत तक सरकारी कर्मचारियों की कमी है.

विकास पर प्रतिकूल प्रभाव

आंकड़ों के अनुसार, राजस्व स्रोतों के विभाग में भी कर्मचारियों का अभाव है. राज्य के सबसे बड़े राजस्व स्रोत वाले वाणिज्यकर विभाग में 48.11 फीसदी कर्मचारी कम है. उत्पाद विभाग में भी 74 फीसदी कर्मचारियों की कमी है. सरकारी विभागों में कर्मचारियों की स्थित और रिक्त पदों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं.

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विभाग                       स्वीकृत          कार्यरत             कमी

भवन निर्माण                1877            793              57.75%

वन पर्यावरण                7518            4556            39.39%

जल संसाधन                12979          7559             41.75%

पर्यटन एंव कला संस्कृति 720             214                70.02%

उत्पाद                         1151           299                 74.02%

राज्यपाल सचिवालय      140             134                  4.28%

वाणिज्यकर                  983              510               48.11%

विधानसभा                   1107            1045                 5.6%

पीआरडी                      832              144                 82.69%

खान भूतत्व                   2951             977                66.89%

श्रम नियोजन                4236              1269              70.66%

सूचना प्राद्योगिकी          28                  12                   57.14%

उच्च तकनीक शिक्षा       2099              610               70.93%

पेयजल                        4552              2660             41.56%

स्कूली शिक्षा                 80030            60281            24.67%

स्वास्थ्य चिकित्सा           41422           16212              60.86%

मंत्रीमंडल निर्वाचन         129              103                    20.15%

मंत्रीमंडल निगरानी        1292             565                  56.26%

गृह कारा आपदा          121436          74247            38.86%

योजना सह वित्त             2418            895                  62.98%

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