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फेसबुक के अंदर बगावत शुरूः कर्मचारियों ने प्रबंधन से बीजेपी समर्थित हेट स्पीच पर जवाब मांगा

New Delhi : फेसबुक में सांप्रदायिक व हेट स्पीच कंटेट को लेकर विवाद अब और बढ़ गया है. इस विवाद का असर फेसबुक कंपनी की आंतरिक संरचना पर भी पड़ने लगा है. फेसबुक के कर्मचारियों ने प्रबंधन को आंतरिक पत्र लिख कर जवाब मांगा है. रायटर्स की खबर के अनुसार फेसबुक के शीर्ष लॉबिस्ट और पब्लिक पॉलिसी डायरेक्‍टर अंखि दास से कर्मचारियों ने पूछा है कि फेसबुक के सबसे बड़े बाजार में राजनीतिक कंटेट कैसे रेगुलेट हुआ.

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क्या जरूरी रेगुलेशन का पालन किया जा रहा था

खबर के अनुसार फेसबुक भारत में ने प्रधानमंत्री नरेंद्र की पार्टी भाजपा के नेताओं के सांप्रदाय़िक बयानों और हेट स्पीच के मामले में नरमी बरती है. इस मामले में अमेरिका समेत दुनिया भर में मौजूद फेसबुक के कर्मचारी इस पर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने पूछा है कि क्या भारत की फेसबुक टीम के द्वारा सभी जरूरी प्रक्रियाओं और रेगुलेशन का पालन किया जा रहा था.

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फेसबुक के एक आंतरिक प्लेटफॉर्म पर 11 कर्मचारियों ने टॉप मैनेजमेंट को खुला पत्र लिखा है. रॉयटर्स का दावा है कि उसके पास इस बात की पुख्ता जानकारी है. पत्रों में कहा गया है कि कंपनी का नेतृत्व ‘मुस्लिम विरोधी कट्टरता’ की निंदा करे. साथ ही इस संबंध में अधिक नीतिगत स्थिरता सुनिश्चित की जाये. साथ ही यह मांग की गयी है कि पॉलिसी रेगुलेटरी में विविध प्रतिनिधित्व हो.

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हम निराश और दुखी हैं

कर्मचारियों ने कहा है कि हम निराश और दुखी हैं. इसमे वे अकेले नहीं है, उनकी जैसी सोच कंपनी के अन्य कर्मचारी भी व्यक्त कर रहे हैं. कर्मचारियों ने कहा है कि मुसलिम समुदाय़ हमारे सवालों के प्रबंधन द्वारा दिये गये जवाब को सुनना, देखना पसंद करेगा.

इस मामले में फेसबुक और अंखि दास ने फिलहाल इस पर किसी तरह की कोई टिप्पणी नहीं की है.

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वाल स्ट्रीट जनरल में छपी खबर में कहा गया है कि अंखि दास ने कमर्चारियों से यह कहा था कि कंपनी की हेट स्पीच पॉलिसी को प्रधानमंत्री की पार्टी भाजपा पर लागू रखने से कंपनी के बिजनेस हितों को नुकसान पहुंचा सकता है.

इस मामले में फेसबुक से जब पूछा गया तो उसने कहा कि किसी प्रकार की हेट स्पीच, हिंसा पर रोक है.

कंपनी ने कहा कि हम जानते है कि इस दिशा में हमें और काम करना है ताकि इसका पालन सुनिश्चित किया जा सके और इसकी लगातार ऑडिट की जा सके. उल्लेखनीय है कि भारत में फेसबुक के 30 करोड़ यूजर हैं.

इस खबर के प्रकाशित होने के बाद फेसबुक इंडिया के प्रमुख अजीत मोहन ने निदेशक अंखि दास का बचाव किया है. श्री मोहन ने कहा है कि कंपनी खबर में जो दावा किया गया है वह सही नहीं है.

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