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रांची: अलग-अलग थानों में जब्त हजारों वाहन बन रहे कबाड़, नहीं हो रही नीलामी

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची के अलग-अलग पुलिस थानों में जब्त हजारों वाहन कबाड़ बन रहे हैं. लेकिन इनकी नीलामी की प्रक्रिया नहीं हो रही है.

रांची में 45 थाने और ओपी हैं, जहां 5000 से अधिक वाहन पड़े हुए हैं. जब्त वाहन थानों के लिए मुसीबत बन रहे हैं. वाहनों की संख्या इतनी बढ़ती जा रही है कि कई थानों में रखने तक की जगह अब कम पड़ती जा रही है.

जानकारी के अनुसार जब्त वाहनों को नीलाम करने की योजना पिछले साल बनी थी. वाहनों को चिन्हित भी किया गया था, लेकिन इसके बाद भी नीलामी नहीं हुई.

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मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त किये गये हैं सभी वाहन

पुलिस थानों में पड़े वाहन मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त किये गये हैं. एक्ट के अनुसार जिन वाहनों के चालान किये जाते हैं और उसे वापस लेने के लिए अगर कोई नहीं आता है तो उसे जब्त कर बाद में उसकी नीलामी कर दी जाती है.

दुर्घटना मामलों में भी वाहन जब्त किये जाते हैं तो पहले यह मामला कोर्ट में सुनवाई के लिए जाता है फिर वहां सुनवाई पूरी होने के बाद वाहन को नीलाम करने का आदेश दिया जाता है. जिसके बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाती है.

कई वाहन थाने में रखे-रखे सड़ गए

सूत्रों के मुताबिक राजधानी के अलग-अलग थानों में कई वाहन 20 साल से भी अधिक समय से पड़े हुए हैं. इनकी स्थिति इतनी खराब हो गयी है कि अब मरम्मत भी नहीं की जा सकती.

कई वाहन थानों में रखे-रखे ही सड़ गये. अगर वाहनों की नीलामी हो जाती तो सरकार को राजस्व मिलता. वाहनों की नीलामी से उनका उपयोग भी होता, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.

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इंश्योरेंस क्लेम लेकर थाने में वाहन छोड़ देते हैं वाहन मालिक

रांची शहर के थानों में करोड़ों रुपए के वाहन पड़े हुए हैं. इनमें सबसे अधिक दो पहिया वाहन शामिल हैं. कोतवाली, बरियातू, लालपुर, लोअर बाजार, हिंदपीढ़ी, डोरंडा, जगन्नाथपुर, धुर्वा, सुखदेव नगर सहित कई थानों में 5000 से अधिक दो पहिया वाहन जब्त कर रखे हुए हैं.

इनमें कई ऐसे वाहन हैं, जिन्हें लेने वाहन मालिक इसलिए थाने नहीं पहुंचे, क्योंकि काफी दिन होने पर उन्होंने उसका क्लेम इंश्योरेंस से ले लिया. थानों में पड़े अधिकांश वाहन ऐसे हैं, जिनका इंश्योरेंस क्लेम ले लिया गया है.

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बिना कोर्ट की अनुमति के नहीं हो सकती है नीलामी

पुलिस कोर्ट से आदेश नहीं मिलने के कारण ज्यादातर वाहनों की नीलामी नहीं कर पाती है. थानों में जब्त कर रखे गये वाहन कोर्ट की संपत्ति हैं. बिना कोर्ट की अनुमति उनकी नीलामी नहीं की जा सकती है.

जिस मामले में वाहन जब्त किये गये हैं, उनका निष्पादन होने पर ही संबंधित वाहन की नीलामी संभव है. इसके लिए संबंधित कोर्ट से अनुमति लेनी पड़ती है. पुलिस के अनुसार, जब्त ज्यादातर वाहनों की नीलामी करना संभव नहीं है, क्योंकि इनके मुकदमे अलग-अलग न्यायालयों में लंबित हैं.

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