
Jamshedpur: झारखण्ड सरकार द्वारा प्रस्तावित बाजार समिति शुल्क का विरोध झारखण्ड राज्य के तमाम व्यापारियों के द्वारा शुरू कर दिया गया है. इसके तहत जमशेदपुर स्थित सिंघभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के तत्वावधान में आंदोलन की रूप रेखा तय की गई है. शुक्रवार को चैम्बर भवन में इसके तहत कोल्हान स्तर की बैठक आयोजित की गई. बैठक में मौजूद सभी व्यापारियों ने एक सुर में इस शुल्क का विरोध किया.
मौके पर कृषि उत्पादन बाजार समिति के अध्यक्ष समेत कई प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. इन्होंने कहा की इस शुल्क को लगाने से सरकार को राजस्व की प्राप्ति नहीं होगी उलटे इसको लागू करने हेतु जिन संसाधनों का उपयोग होगा उसकी खर्च ही ज्यादा हो जाएगी. साथ ही कहा की जमशेदपुर शहर से 100 किलोमीटर से कम की दूरी पर ओड़िसा और बंगाल राज्य की सीमा है और इन राज्यों मे यह शुल्क नहीं है, जिससे यह स्पष्ट है की छोटे वाहनों में वहां से सामान जमशेदपुर आएंगे और यहां के व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा.
इन्होंने कहा की 4 सितम्बर को इसे लागू करने की तैयारी सरकार ने की है, और इससे पूर्व ही इनके द्वारा मशाल जुलुस एवं काला बिल्ला लगाकर आंदोलन किया जायेगा. साथ ही अगर शुल्क को लागू किया जाता है तो तमाम बजार समिति के दुकानदार अपने दुकानों को अनिश्चित्कालीन रूप से बंद कर देंगे. इन्होंने कहा की व्यापारी राजस्व एवं विकास के विरोधक नहीं है बल्कि राजस्व के लिए कई और बेहतर तरीके है. साथ ही कहा की अगर शुल्क लागू होता है तो आगामी विधानसभा चुनाव मे भी इसका असर पड़ेगा.




