JharkhandLead NewsRanchi

रिम्स में कैंसर मरीजों का होगा बेहतर इलाज, खरीदी जा रही लीनियर एक्सीलेटर मशीन

Ranchi : राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स में कैंसर मरीजों के इलाज के लिए ओंकोलॉजी डिपार्टमेंट की शुरुआत की गई है. वहीं इसे मॉडल विंग बनाने को लेकर भी काम तेजी से चल रहा है. जिससे कि इलाज के लिए आने वाले कैंसर मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा सके. अब इसी कड़ी में एक और उपलब्धि शामिल होने जा रही है. हॉस्पिटल प्रबंधन कैंसर मरीजों के सिकाई के लिए लीनियर एक्सीलेटर Linear Accelerator (LINAC) मशीन खरीदने जा रहा है. जिसकी खरीदारी के लिए गवर्निग बॉडी ने सहमति दे दी है.

इसे भी  पढ़ें- विधायक ने किया गोलमुरी में डॉ. राजेंद्र प्रसाद की मूर्ति का अनावरण

1.5 लाख की थेरेपी होगी फ्री में

लीनियर एक्सीलेटर मशीन से थेरेपी में प्राइवेट सेंटरों में एक महीने के सेशन में 90 हजार से लेकर 1.5 लाख रुपए तक खर्च आता है. वहीं इसके लिए लंबा इंतजार भी मरीजों को करना पड़ता है. लेकिन रिम्स में यह सुविधा मरीजों को फ्री में मिलेगी. जिससे कि इलाज के लिए उन्हें झारखंड से बाहर नहीं जाना होगा. वहीं कैंसर के इलाज में होने वाले खर्च से भी बचेंगे.

इसे भी  पढ़ें- शादी में SAHIL ने पहले खाना खाया, फिर ससुराल जा रही दुल्हन को गाड़ी से उतार मारी 5 गोलियां

मरीज को साइड इफेक्ट होगा कम

ओंकोलॉजी के रेडियोथेरेपी विभाग में जल्द ही लीनियर एक्सीलेटर से इलाज शुरू हो जाएगा. जिससे मरीजों को रेडिएशन से होने वाले साइड-इफेक्ट कम झेलने होंगे. लेटेस्ट तकनीक से लैस यह मशीन सीधे कैंसरग्रस्त सेल्स को टारगेट करेगी, जिससे सामान्य सेल पर रेडिएशन का बुरा असर नहीं पड़ेगा.

इसे भी  पढ़ें- Jharkhand में दो माह से खाली है जैक अध्यक्ष का पद, छह से अधिक परीक्षाएं प्रभावित

कैसे काम करेगी एक्सीलेटर मशीन

लीनियर एक्सीलेटर से सीधे कैंसर ट्यूमर वाले हिस्से पर रेडिएशन डाला जाता है, जो दूसरे सेल को खत्म करने के बजाय केवल कैंसर सेल को खत्म करता है. इसमें दूसरी मशीनों के मुकाबले ज्यादा रेडिएशन निकलता है. ऐसे में इस मशीन के संचालन के दौरान रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट (Radiation Oncologist) का होना जरूरी है. हालांकि रिम्स प्रबंधन ने ओंकोलॉजी डिपार्टमेंट में मैनपावर बढ़ाने को लेकर भी काम शुरू कर दिया है. जिससे कि नई मशीनों के आपरेशन में कोई परेशानी नहीं होगी.

इसे भी  पढ़ें- मुसाबनी : सूरदा माइंस दो सालों से है बंद, बाकी काम को भी ग्रामीणों ने रोका

Related Articles

Back to top button