
Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट करके कहा है कि झारखंड से मानव तस्करी के दाग को धोना सरकार की पहली प्राथमिकता है. बता दें कि गुमला जिले की 06 नाबालिग बेटियों को दिल्ली से मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है. इसके बाद इन लड़कियों को धमकियां मिल रही हैं.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुमला पुलिस को इस मामले को पहली प्राथमिकता में रखते हुए मानव तस्करों को पकड़ने और उन पर कड़ी कार्रवाई करने का निदेश दिया है.
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जो तस्करी के हो सकते हैं शिकार उन बच्चों की पहचान का आदेश
मुख्यमंत्री ने गुमला उपायुक्त को क्षेत्र में ऐसे बच्चों की पहचान करने को भी कहा है जो मानव तस्करी का शिकार हो सकते हैं. उन बच्चों को शिक्षा एवं स्किल कार्यक्रम से जोड़ते हुए उनकी सतत ट्रैकिंग की व्यवस्था करने को कहा है.
मुख्यमंत्री ने जिला के सीडब्ल्यूसी, डीसीपीओ एवं एंटी-ट्रैफ़िकिंग पुलिस यूनिट को सशक्त और संवेदनशील बनाने का निदेश दिया है. ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगायी जा सके.
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स्वास्थ्य विभाग की असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी
मुख्यमंत्री ने एक और मामले में ट्वीट करते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में कोई भी असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सीएम ने आदेश दिया है कि रिम्स में हो रहे एंबूलेंस के दुरुपयोग में शामिल लोगों पर कार्रवाई होगी. साथ ही ऐसे मामले दोहराये ना जाएं इसका भी ख्याल रखने को कहा गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के आवश्यक कदम उठायेगी. बता दें कि रिम्स कें एंबूलेंस से टेबल ठोने की तस्वीर सामने आ चुकी है. रिम्स निदेशक ने फर्नीचर ढोने के मामले में बयान देते हुए कहा था कि उन्होंने फर्नीचर को हटाने के आदेश दिये थे.
उसे एंबूलेंस से ढोया गया या कुछ और, उसकी जानकारी उन्हें नहीं है.
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