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रामनवमी पर विशेष: 1933 में शुरू हुई थी पलामू में रामनवमी, लालटेन और मशाल की रौशनी में निकलता था जुलूस

Palamu: पलामू की रामनवमी ऐतिहासिक है. आजादी के पहले से इस जिले में रामनवमी का आयोजन किया जाता रहा है. मेदिनीनगर के इतिहास पर नजर डाली जाए तो रामनवमी पर्व 1933 से मनाया जा रहा है. इस पर्व के संस्थापक राम गोविन्द राम, राजा राम गुप्ता, घिना प्रसाद सिंह, जगरनाथ हलवाई, जगदीश हलवाई, भगतमाल हलवाई, मदन केशरी के पिता जी थे. रामनवमी प्रारंभ में दिया और लालटेन के साथ आयोजित होती थी. पहले दिया और मशाल से जुलूस निकाला जाता था, उसी समय जुलुस का मार्ग का निर्धारण हुआ था. उसके बाद अनेक लोग जुटते चले गये, जैसे ताराचंद, रामजीत गुप्ता, बहादुर राम, मन्नाराम, सुरेश नारायण सिंह, उमा सिंह, चंद्रशेखर सिंह, गणेश गिरि, पवन लाठ, बबन दुबे, संजय सहानी, बसंत जौहरी, अजित जयसवाल, बद्री नारायण पांडे, प्रमोद माखड़िया, राम सिंह चौहान, मखिरण राम और लखन साव का भरपूर सहयोग रहता था. पुरस्कार वितरण शहर थाना के प्रभारी पंचमुहान पर करते थे.

राम भक्त बसंत जौहरी एवं प्रमोद मखड़िया बताते हैं कि सन 2000 ई. में रामनवमी पूजा के जुलूस में लाल कोठा चौक पर विद्युत तार गिरने कारण 29 राम भक्त कालकवलित हुए थे, तब मुहर्रम इंतेजामिया कमिटी के द्वारा सहानुभूति दिखाते हुए मुहर्रम नहीं मनाने का फैसला लिया गया था. शहर में आपसी सद्भाव एवं शांति का वातावरण बना रहे. इसके लिए दोनों पक्षों के लोगों ने प्रशासन का भरपूर सहयोग किया, जिस कारण आज भी डालटनगंज शहर में हिन्दू-मुस्लिम एकता मिशाल कायम किये हुए हैं.

उसी समय शहर के तत्कालीन उपायुक्त अमिता पाल, आरक्षी आधीक्षक निर्मल कुमार आजाद, सदर अनुमंडल पदाधिकारी भवानी प्रसाद एवं शहर थाना प्रभारी आलोक कुमार सिन्हा ने शहर के लोगों को धन्यवाद कहा था. उस समय झारखंड बिहार का हिस्सा होता था. तत्कालीन उर्जा मंत्री श्याम रजक ने दुर्घटना स्थल का जायजा लिया था और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदन व्यक्त की थी. उन्होंने पीड़ित परिवार के आश्रितों को बिजली विभाग में नौकरी भी दी थी. प्रभावित परिवार के कई लोग आज भी नौकरी में हैं, जबकि कई रिटायर कर गए.

32 वर्ष से कायम है सम्मानित करने की परंपरा

राम भक्त प्रमोद माखड़िया बताते हैं कि रामनवमी पूजा में महावीर नवयुवक दल जेनरल द्वारा पुरस्कार वितरण की शुरूआत 1990 में तत्कालीन कमिटी में शामिल पत्रकार सुरेन्द्र सिंह रूबी, बसंत जौहरी, प्रमोद माखड़िया, महेश तिवारी के प्रयास से उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कपिल देव सिंह एवं एसडीओ लक्ष्मीकांत के द्वारा पुरस्कार वितरण की शुरूआत हुई. यही परंपरा आज भी चल रही है. हर साल रामनवमी के अवसर नवमी के जुलूस का स्वागत मुहर्रम इंतेजामिया कमिटी करती है, जबकि मुहर्रम के मौके पर इसी तरह की परंपरा केन्द्रीय रामनवमी समिति महावीर नवयुवक दल जेनरल करता है. दोनों समुदाय एक दूसरे को पगड़ी बांध कर सम्मानित करते हैं और मिल्लत के साथ पर्व संपन्न करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं. रामनवमी और मुहर्रम के जुलूस की यह परंपरा पूरे झारखंड में चर्चित है.

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