JharkhandLead NewsRanchi

Rurban मिशन से झारखंड के गांवों को मिल रही URBAN पहचान

स्मॉल इकोनॉमिक जोन, हैंडलूम प्रोसेसिंग इकाई,पेपर कप निर्माण, फुटवियर निर्माण,स्मार्ट क्लासेस तक की योजनाएं हुई हैं मंजूर, 1200 करोड़ होंगे खर्च

निखिल कुमार

Ranchi: रूर्बन योजना से झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में चयनित 15 कलस्टरों को अर्बन बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार वृद्धि के साथ-साथ औद्योगिक विकास भी किया जा रहा है. स्मॉल इकोनॉमिक जोन, कृषि,शिक्षा,रोजगार और स्वयं सहायता समूह के गठन के साथ-साथ हैंडलूम प्रोसेसिंग इकाई, पेपर कप निर्माण, मुरी संस्करण इकाई, फुटवियर निर्माण इकाई, फ्लाई ऐश यूनिट, स्मार्ट क्लासेस,ख्लघु चावल मिल, गत्ते का बॉक्स निर्माण,खाद्य सामग्री,सौर उर्जा ग्रिड,खाद्य सामग्री की पैकेजिंग इकाई स्थापित करने सहित कई कार्य किए जा रहे हैं.

राज्य सरकार ने राज्य ग्रामीण इलाकों को विकसित करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत श्यामा प्रसाद रूर्बन मिशन योजना से करीब 1195 करोड़ की योजना तैयार करायी है. मुख्य सचिव सुखदेव सिंह की अध्यक्षता में गठित स्टेट लेबल इंपावर्ड कमेटी की आठवीं बैठक में गहन समीक्षा के बाद इनमें करीब 200 करोड़ की 250 से अधिक योजनाओं के डीपीआर की मंजूरी भीं प्रदान कर दी गयी है,इसका प्रगति प्रतिवेदन मांगा गया है. शेष योजनाओं पर बाद में स्वीकृति दी जायेगी. गिरिडीह,पूर्वी सिंहभूम, धनबाद, खूंटी, बोकारो, हजारीबाग, गुमला, चतरा, रांची, रामगढ़, लातेहार, सिमडेगा, दुमका व पाकुड़ में इनमें काम अब शुरू कराया जा रहा है. रूर्बन मिशन से बड़े पैमाने पर योजनाओं के क्रियान्वयन से न सिर्फ उद्यमी बनने व आजीविका वृद्धि का भी सशक्त साधन बनेगा. सारे कार्य विभिन्न विभागों के साथ कन्वर्जेँस से किया जायेगा. सभीं कार्यो के लिए टेंडर किया जायेगा और उत्पादित सामग्रियों के प्लाश के जरिये ब्रांडिंग भी जायेगी.

 

ग्रामीण परिवेश में शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में राज्य का परफॉरमेंस सबसे बेहतर: डॉ.मनीष रंजन

ग्रामीण विकास सचिव डॉ मनीष रंजन ने कहा की झारखंड के ग्रामीण परिवेश में शहरी सुविधाओं को देने एवं ग्रामीण इलाकों के लोगों की आंकक्षाओं को पूरा करने के लिए रूर्बन मिशन योजना शुरू की गयी है. पूरे देश में झारखंड का सबसे बेहतर परफॉरमेंस है. लोगों की आजीविका वृद्धि से लेकर रोजगार उपलब्ध कराने का हमारा प्रयास है. उन्होंने कहा की राज्य में रूर्बन मिशन की योजनाओं को धरातल में लाने में प्रमुख रूप से राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह का  महत्वपूर्ण योगदान हैं. वे इस योजना की बारिकी से स्वयं व्यक्तिगत रूची लेकर कार्य कर रहे हैं.उन्होंने  सभी विभागों को रूर्बन कलस्टरों के इंटीग्रेटेडर कल्स्टर एक्शन प्लान में स्वीकृत अभिषरण की योजनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने को कहा है. सभी डीसी व डीडीसी को रूर्बन मिशन अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध समयबद्ध रूप से योजना का क्रियान्वयन तथा वित्तीय एवं भौत्तीक प्रगति सुनिश्चित करने को क हा है. मनीष रंजन ने बताया की सीएस ने सौर उर्जा ग्रिड तथा सोलर से संबंधित कार्य उर्जा विभाग के द्वारा ही कराने का निर्देश दिया है. वहीं, शिक्षा,स्वास्थ्य, पेयजल,आंगनबाड़ी, सहित वि•िान्न  विभागों की सहमति व एनओसी लेकर ही करने को कहा गया है. इस दिशा में ग्रामीण विकास विभाग कार्य कर रहा है.

 

इन जिलों के इन बसावटों में ऐसी योजनाएं

गिरिडीह के भाडारडीह बसावट:  फुलों की खेती की 10 इकाई, विज्ञान प्रयोगशाला का उन्नयन,स्कूलों और आंगनबाड़ी में सोलर पंप संचालित पेयजल व्यवस्था. स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस. रोजगार के लिए मोरिंगा की खेती,लेमन ग्रास की खेती, मधुमक्कखी पालन ओर शहद प्रसंस्करण, पॉल,ग्राीनहाउस,लत्तेदार पौधों की खेती, बकरीपालन,लीफ प्लेट बनाने की इकाई,हैंडलुम प्रोसेसिंग इकाई,पेप कप निर्माण,मुरी प्रसंस्करणइकाई,लघु चावल इकाई, मशरूम स्पॉन सेंटर, गत्ते का बॉक्स निर्माण,खाद्य सामग्री की पैकेजिंग इकाई, सौर उर्जा ग्रिड,स्ट्रीट लाइट.पेवर ब्लॉक सड़क, पीसीसी रोड, सामाजिक संरचना के तहत पंचायत भवन,स्कूल,आंगनबाडृी मेंजल संचयन प्रणाली का निर्माण,नालियों का निर्माण इत्यादि.

 

धनबाद-पलानी कलस्टर: लघु आर्थिक क्षेत्र, लघु तेल मिल, सामुदायिक पुस्तकालय.

पूर्वी सिंहभूम: धरमबहल: फ्लाई ऐश ईट उत्पादन इकाई, स्वास्थ्य के अंतर्गत गैरियिट्रक वार्ड, हेरीटेज विलेज एवं टूरिज्म की दो कार्य.

खूंटी-बिरहु: कस्टम हायरिंग सेंटर, लघु स्तरीय पौल्ट्री फार्म और हैचरी इकाई,बस स्टॉप सह वाणिज्यक केंद्र.

बोकारो- सियालजोरी: पेपर बैग बनाने का केंद्र, बांस की कलाकृति निर्माण एवं प्रसार, मुरी निर्माण इकाई, पोल्ट्री इकाई, मिनी इंडोर खेल सुविधा तथा खेल का मैदान का विकास.

हजारीबाग: गौरियाकरमा-टमाटर प्रसंस्करण इकाई, मशाला प्रसंस्करण इकाई, पशु स्वास्थ्य निगरानी समाधान, पीसीसी रोड,पुलिया और शेड निर्माण.

पश्चिम सिंहभूम- दुधबिला कलस्टर: 29 योजना स्वीकृत हुआ है. मधुमक्खी पालन, लघु कृषि उपकरण ,सुकर प्रमोशन, फुटवियर निर्माण, साबुन निर्माण, नोटबुक निर्माण, फ्लाई ऐश ईट निर्माण, चिक हार्डनिंग सेँटर,स्नान स्थल का निर्माण.

गुमला-करौंदी- 32 योजना की स्वीकृति : सार्वजनिक उपयोगिता के लिए भी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्र के लिए सोलर पंप लगाना.चतरा : सराधु- 24 योजना स्वीकृत – स्कूल में स्मार्ट क्लास, चिक हार्डनिंग सेँटर, इंडोर स्टेडियम

रांची : ब्राम्बे- 36 योजना स्वीकृत: ब्राम्बे हाट दुकान का विकास और विस्तार. पशु स्वास्थ्य निगरानी समाधान, टमाटर सॉस प्रसंस्करण इकाई, स्टेडियम का विकास.

रामगढ़ : बिचा-40 योजना स्वीकृत:  स्कूलों में स्मार्ट क्लास, पंचायत भवन में पुस्तकालय, लघु आटा चक्की, साबुन निर्माण इकाई, खाद्य तेल निकालने की इकाई, पॉली हाउस निर्माण इत्यादि.

लातेहार : मंगरा- 23 योजना स्वीकृत. दाल मिल प्रसंस्करण इकाई, ग्रामीण हाट, सौर उर्जा सिंचाई प्रणाली, साइकिल चालित और सिंचाई पंप निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र का विकास, सामुदायिक पुस्तकालय.

सिमडेगा : ऐड़ेगा. 30 योजना मंजूर- मिट्टी कला इकाई, बांस की कलाकृति निर्माण इकाई, केला प्रसंस्करण इकाई, सौर उर्जा ग्रिड,इंडोर स्टेडियम विकास,रोड,जलापूर्ति कनेक्शन,स्ट्रीट लाइट, सिलाई मशीन केंद्र का निर्माण.

दुमका : बेहराबांक कलस्टर- 15 योजना मंजूर हुआ है.

पाकुड़ : ईलामी-11 योजना मंजूर- बत्तख पालन का प्रमोशन, मूढ़ी मेकिंग व प्रसंस्करण इकाई

Related Articles

Back to top button