
Ranchi: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने के लिए झारखंड सरकार कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है. काम अब अंतिम चरण में है. 15 सितंबर से पूरे देश में स्वच्छता ही सेवा अभियान का शुरुआत हो रही है. इस दौरान न गंदगी करेंगे और न करने देंगे का संकल्प सभी लेंगे. दो अक्टूबर महात्मा गांधी की जंयती तक चलनेवाले इस अभियान को जन आंदोलन बनाना है.
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ये निर्देश झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सभी उपायुक्तों को वीडियो-कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में दिया. मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, आम लोग, व्यापारिक संगठन, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों को इसमें भागीदारी करनी है. इसके तहत हर दिन एक घंटा सभी को साफ-सफाई के लिए श्रमदान करना है.
खुले में शौच मुक्त होगा झारखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दौरान राज्य को पूरी तरह खुले में शौचमुक्त करने का लक्ष्य पूरा हो जायेगा. दो अक्टूबर को झारखंड खुले में शौचमुक्त हो जायेगा. जिन आठ जिलों में काम पीछे है, सीएम ने उन जिलों के उपायुक्तों से बातकर 30 सिंतबर तक लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में भी झारखंड अव्वल आये, इसके लिए अलग से कार्य योजना बनायी जायेगी. राज्य में शत-प्रतिशत शौचालय बन रहे हैं. उनका उपयोग हो, इसके लिए जन जागरण अभियान चलाया जायेगा.
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17 से 25 सितम्बर तक सेवा दिवस
रघुवर दास ने कहा कि इसी क्रम में 17 से 25 सितम्बर तक सेवा दिवस मनाया जायेगा. इसके तहत शहरी स्लम में हेल्थ चेकअप कैंप लगाये जायेंगे. सभी उपायुक्त जिले के सिविल सर्जन के साथ बैठक कर एक कार्यक्रम बनाये, और जहां कैंप लगना है, उस क्षेत्र को चिन्हित करें. मेडिकल कैंप में गरीब, असहाय एवं सामान्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जायेगी. साथ ही, सभी क्षेत्रों में LED वाहनों एवं स्थायी स्क्रीनों पर प्रधानमंत्री के जीवन पर बनी प्रेरक लघु फिल्म ‘चलो जीते हैं’ भी प्रदर्शित की जाएगी.
23 सितबंर से आयुष्मान भारत की होगी शुरुआत
23 सिंतबर से आयुष्मान भारत की शुरुआत पूरे देश में झारखंड से हो रही है. इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी झारखंड आयेंगे. आयुष्मान भारत के तहत झारखंड राज्य के चिन्हित 57 लाख परिवारों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा किया जायेगा. आयुष्मान भारत सफलतापूर्वक झारखंड में लागू हो सके, इसके लिए सांसद, विधायक सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठन से जुड़े लोग अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
राज्य के सरकारी अस्पताल इसके लिए तैयारी पूरी कर लें. राज्य के 57 लाख परिवारों को उनका यह हक मिले, इसे सुनिश्चित किया जा रहा है. जब तक एक-एक परिवार को इसका लाभ नहीं मिलेगा, तब तक यह अभियान निरंतर चलता रहेगा.
इस बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे, प्रधान सचिव सुनील कुमार बर्णवाल, जल संसाधन व स्वच्छता विभाग की सचिव आराधना पटनायक, शहरी विकास विभाग के सचिव अजय कुमार समेत अन्य वरीय अधिकारी व वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी 24 जिलों के उपायुक्त उपस्थित रहे.




