
Chaibasa: वर्ष 2012 में कृषि कार्य हेतु पूरे झारखण्ड में नियुक्त जनसेवकों का ग्रेड पे घटाकर 2400 से 2000 किये जाने का विरोध करते हुए जनसेवकों ने गुरुवार को चक्रधरपुर शहर के पंप रोड स्थित कैबिनेट मंत्री जोबा माझी से मुलाकात की और एक पत्र सौंपा.
पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2011 में झारखण्ड में कृषि कार्य हेतु जनसेवकों की बहाली के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया था. जिसमें 2400 ग्रेड पे दिए जाने की बात की गई थी. वर्ष 2012 में उक्त विज्ञापन के माध्यम से जनसेवक बहाली हेतु आवेदन प्राप्त किए गए एवं प्रतियोगिता परिक्षा के द्वारा लगभग 1500 जनसेवकों की बहाली 2400 ग्रेड पे पर की गई. गत 10 वर्षों से जनसेवक का वेतन भुगतान 2400 ग्रेड वेतन के आधार पर किया जाता रहा है. लेकिन कृषि निदेशक रांची के कार्यालय आदेश 55 दिनांक 25 अप्रैल 2023 एवं कार्यालय आदेश 44 दिनांक 12 अप्रैल 2023 द्वारा षडयंत्र के तहत अपने पद का दुरूपयोग करते हुए जनसेवकों का ग्रेड वेतन 2400 से घटाकर 2000 रूपए कर दिया गया, जो कि पूरे झारखण्ड में कार्यरत जनसेवकों के साथ धोखा है.
इस आदेश का विरोध करने हेतु पूरे झारखण्ड में जनसेवकों द्वारा 28 अप्रैल 2023 को कृषि निदेशालय के सम्मुख पुतला दहन कार्यक्रम कर भांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया. इसके उपरांत कृषि निदेशक, राँची के द्वारा बदले की कार्रवाई करते हुए रात को ऑफिस खुलवाकर कार्यालय आदेश 57 दिनांक 28 अप्रैल 2023 निर्गत किया गया. जिसके द्वारा अपने कार्यालय आदेश 55 दिनांक 25 अप्रैल 2023 को रद्द कर कार्यालय आदेश 44 दिनांक 12 अप्रैल 2022 को लागु करवाते हुए अतिरिक्त भुगतान की वसुली का भी आदेश निर्गत कर दिया गया, जो कि कृषि निदेशक के विक्षिप्त मानसिकता बदले की कार्रवाई, झारखण्ड सरकार जनसेवक संवर्ग एवं जनविरोधी कार्य का द्योतक है. जनसेवकों ने मंत्री के माध्यम से इस अन्यायपूर्ण निर्णय को वापस करवाने का आग्रह किया है. पत्र सौंपने वालों में विमल हांसदा, विजय कुमार विश्वकर्मा, बसंत लागुरी, राणा हेंब्रम, जितेंद्र सिंकु, अमरनाथ नायक, आत भंजन प्रधान, श्रीवत्स प्रधान, परमेश्वर गिरी, देव रंजन प्रधान, मोहम्मद नसीम अख्तर, नीरज कुमार, सुधेन्दु प्रकाश झा आदि जनसेवक मौजूद थे.




