
Patna: महाराष्ट्र से शुरू हुई सियासी उलटफेर अब बिहार पहुंच गई है. सूबे में सियासी तूफान मचा हुआ है. इस बीच अटकलों का बाजार गर्म है,कहा यह जा रहा है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार एक बार फिर पलटी मार सकते हैं.जानकारों का कहना है कि सावन पूर्णिमा के दिन बिहार की सियासत में नया रंग दिख सकता है और यह रंग सत्ता परिवर्तन में बदल सकता है.
बिहार के राजनीतिक हलकों में पिछले 24 घंटे में हुए कई उतार चढ़ाव के बीच सोमवार और मंगलवार का दिन पटना के राजनीतिक गलियारों में बेहद अहम नजर आ रहा है. भाजपा को छोड़ बिहार की 4 महत्वपूर्ण पार्टियां अगले 48 घंटे में अपने विधायक दल की बैठक करने जा रही है.मीडिया में आई खबरों के अनुसार जदयू, राजद, कांग्रेस और हम पार्टी के विधायकों की बैठकें होने वाली है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे आरसीपी सिंह के जदयू से इस्तीफा देने व सीएम नीतीश कुमार पर जुबानी हमला करने के बाद जदयू ने मंगलवार यानि 9 अगस्त को सभी विधायकों-सांसदों की बैठक सीएम आवास में बुलाई है तो वहीं राजद ने भी सभी विधायकों से पटना में ही बने रहने को कहा है. अपुष्ट खबरों के अनुसार सोमवार या मंगलवार को राजद विधायकों की बैठक हो सकती है. राजद नेतृत्व ने अपने सभी विधायकों को निर्देशित किया है कि वो किसी भी हाल में 12 अगस्त तक पटना नहीं छोड़ें.
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राजनीतिक दलों में बैठकों का दौर शुरू
जदयू और राजद के अलावे कांग्रेस और एनडीए की घटक हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा(हम पार्टी) ने भी अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है. कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने सभी विधायकों को पटना में रहने को कहा है तो वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भक्त चरण दास के भी आज दोपहर बाद पटना पहुंचने की चर्चा तेज है.
कांग्रेस से जुड़े सुत्रों के अनुसार प्रदेश प्रभारी की उपस्थिति में विधायकों की बैठक में बिहार की सियासत के वर्तमान हालात पर ही चर्चा होगी. सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस से जदयू ने संपर्क किया है. चर्चा यह भी है कि सीएम नीतीश कुमार ने सोनिया गांधी से फोन पर बात की है.
इन बैठकों के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं.सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं.सत्ता पक्ष और विपक्ष के इन दलों की महत्वपूर्ण बैठकों का उद्देश्य क्या है,यह अभी तक राज ही बना हुआ है. लेकिन बदलते घटनाक्रमों ने जरूर पटना से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलकों में नई सुगबुगाहट तेज कर दी है.
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बिहार एनडीए में ऑल इज वेल नहीं: कांग्रेस
बिहार की सियासत में उलटफेर होने की चर्चा के बीच कांग्रेस ने कहा है कि बिहार एनडीए में ऑल इज वेल नहीं है. महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है,केंद्र सरकार इसको लेकर कुछ नहीं कर रही लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की जनता के लिए जरूर कुछ करेंगे.बिहार में जल्द ही राजनीतिक भूचाल आने वाला है.
कांग्रेस के इस बयान पर फिलहाल जदयू की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.जदयू ने इशारा दिया है कि राजनीति संभावनाओं का खेल है,अभी कुछ भी कह पाना मुश्किल है.बिहार के सर्वमान्य नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं.
नीतीश कुमार ही जनता की सेवा करेंगे. वहीं बीजेपी ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र में मोदी सरकार और बिहार में नीतीश सरकार ने जो काम किया है उस कार्य ने इतिहास रचा है.राजद पर तंज कसते हुए भाजपा ने कहा कि आज बिहार जंगल राज्य से मुक्त हुआ है तो वह नीतीश सरकार की ही देन है.
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