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13 मार्च से फिर शुरू होगा विधानसभा का सत्र, नियुक्ति नियमावली को विपक्ष बनाएगा हथियार, सरकार भी जवाब देने को तैयार

Political Editor

Ranchi:  झारखण्ड विधानसभा का बजट सत्र फिर से 13 मार्च से शुरू होगा. होली की छुट्टी को लेकर 4 मार्च से 12 मार्च तक सदन की कार्यवाही स्थगित थी. लंबे अर्से के बाद इस बार के बजट सत्र में सदन की कार्यवाही सुचारू ढंग से चल रही थी. पहले चार दिनों तक सदन बिना हंगामा के चला और प्रश्नकाल बाधित नहीं हुआ. लेकिन 4 मार्च को सदन में नियुक्ति नियमावली का जिन्न बाहर निकला और सदन की कार्यवाही पूरी तरह से हंगामे की भेंट चढ़ गया. स्थिति यह रही कि प्रश्नकाल के दौरान स्पीकर को हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित करनी पड़ी और भोजनावकाश के बाद निर्धारित समय से पहले ही सदन को स्थगित करना पड़ा. नियोजन को लेकर झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रेम के चलाये तीर ने विपक्ष को मुद्दा दिया और यह मुद्दा सिर चढ़कर बोला. 13 मार्च को भी विपक्ष नियुक्ति के मामले पर सदन में उठाएगा. इस बीच विपक्ष ने सवाल का जवाब सरकार ने तैयार कर लिया है. नियुक्ति नियमावली को लेकर सरकार ने कैबिनेट में जो फैसला लिया है उसकी अधिसूचना कार्मिक विभाग ने निकाल दी है. अधिसूचना के मुताबिक राज्य सरकार ने भोजपुरी, मगही और अंगिका सहित सात क्षेत्रीय भाषाओं को हटाकर हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत को शामिल कर लिया है. साथ ही मैट्रिक और इंटर झारखण्ड से पास होने की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया है. गौरतलब है कि झारखण्ड हाई कोर्ट ने भी इसी मामले को लेकर सरकार की नियुक्ति नियमावली को रद्द किया था.

नियुक्ति नियमावली पर सरकार स्थिति स्पष्ट करे, वर्ना जारी रहेगा विरोध : मनीष जयसवाल

भाजपा विधायक मनीष जयसवाल ने कहा कि भाजपा का विरोध सरकार के दोहरे चरित्र को लेकर है. एक तरफ सरकार कहती है कि हर वर्ष 5 लाख युवाओं को रोजगार देने और दूसरी तरफ नियुक्ति नियमावली ऐसी बनती है जो कोर्ट में एक मिनट भी नहीं ठहरता है. झारखण्ड के बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा कर रही है हेमंत सरकार. सिर्फ घोषणा करने से नहीं होता घोषणाओं को अमली जामा भी पहनाना पड़ता है. जिसमें यह सरकार साढ़े तीन वर्षों से विफल है. साफ़ कहा कि सदन में सरकार जबतक ठोस नियुक्ति नियमावली की घोषणा नहीं करती है, विरोध जारी रहेगा.

सदन में मुख्यमंत्री सोमवार को कर सकते हैं घोषणा

इस बीच यह जानकारी मिल रही है कि विपक्ष के प्रहार को कुंद करने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद मोर्चा संभालेंगे. कहा जा रहा है कि 13 मार्च को मुख्यमंत्री सदन में नियुक्ति नियमावली पर अपना वक्तव्य दे सकते हैं. गौरतलब है कि 4 मार्च को इस मामले पर विपक्ष के हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा था कि सरकार 13 मार्च को सदन में अपना पक्ष रखेगी.

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