
Dhanbad : धनबाद लोकसभा चुनाव में धनबाद संसदीय सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके झरिया विधायक के भाई को मैदान में उतरने से रोकने की कोशिश में भाजपा प्रत्याशी सह सांसद पीएन सिंह मंगलवार को धनबाद जेल में बंद झरिया विधायक संजीव सिंह से मिले. लगभग आधे घंटे तक संजीव से बातचीत के बाद बाहर निकले और मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी.
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विधायक एवं मेंसन समर्थकों का भरपूर सहयोग मिलेगा
कहा कि चुनाव का समय है और संजीव सिंह पार्टी के विधायक हैं. ऐसे में मुलाकात करने का कोई खास मकसद नहीं था, पहले भी मुलाकात हुई है. वहीं मीडिया ने जब पीएन सिंह से कहा संजीव सिंह के भाई मनीष सिंह के चुनाव लड़ने से रोकने के लिए ये मुलाकात तो नही की गयी. पीएन सिंह ने इस सवाल को हंस कर टाल दिया और कहा कि चुनाव में विधायक एवं मेंसन समर्थकों का भरपूर सहयोग मिलेगा, ऐसा आश्वासन संजीव सिंह से मिला है.
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कुंती देवी ने भी अपने पुत्र मनीष सिंह के लिए धनबााद से मांगी थी
टिकट
आपको बता दें कि पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड मामले में भाजपा विधायक संजीव सिंह धनबाद जेल में विचाराधीन हैं. कई दफा उनकी जमानत रद्द हो चुकी है. ऐसे में सरकार से इन दिनों नाराजगी चल रही है. संजीव सिंह की मां पूर्व विधायक कुंती सिंह ने भी पार्टी के आलाकमान से अपने छोटे बेटे सिद्धार्थ गौतम उर्फ मनीष सिंह के लिए टिकट की मांग की थी. लेकिन आलाकमान द्वारा कोई जवाब नहीं मिला.
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मनीष सिंह के चुनावी मैदान में उतरने से बीजेपी को नुकसान
ऐसे में अगर सिद्धार्थ गौतम चुनावी मैदान में कूदते हैं तो भाजपा के लिए परेशानी का सबब बनना लाज़मी है. झरिया और धनबाद विधान सभा के कई इलाके ऐसे हैं जहां मेंशन के समर्थकों की भारी संख्या है. ऐसे में भाजपा के लिए उन क्षेत्रों से वोट मिल पाना मुश्किल होगा. सांसद पीएन सिंह की पहली प्राथमिकता किसी भी स्थिति में सिद्धार्थ गौतम को चुनाव लड़ने से रोकना है और आज की मुलाकात उसी रणनीति का एक हिस्सा हो सकता है.
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