
Ranchi: झारखंड में प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क योजना से वित्तीय वर्ष 2021-22 में लक्ष्य से काफी कम सड़कों का मरम्मत का काम हो पाया है. राज्य में कई सालों के बाद सरकार ने पीएमजीएसवाई की सड़क के मेंटेनेंस कराने का फैसला लिया था. इसके लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अलग से राशि मुहैया करायी गई है. इसी आलोक में झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1500 किमी सड़क मरम्मत कराने का लक्ष्य तया किया था, लेकिन हालात यह है कि इस वित्त वर्ष का आखिरी मार्च माह चल रहा है और सिर्फ 108 किमी सड़क का हीं मरम्मत का काम हो पाया है.
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राज्य के अधिकांश कार्य प्रमंडल के अंतर्गत सड़कों के चयन में देरी होने के कारण सड़क का मरम्मत का काम शुरू नहीं हो पाया. प्रमंडलों से मरम्मत का डीपीआर आने में भी देरी हुई. हालांकि, झारखंड स्टेट रूरल रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी के इंजीनियरों ने बताया कि राज्य में ग्रामीण सड़क के मरम्मत के लक्ष्य को बढ़ा दिया गया है. इसी आलोक में अभी 2000 किमी रोड के मरम्मत के लिए निविदा जारी की गयी है. यह प्रयास हो रहा है कि 10 मार्च 2022 तक इसे फाइनल कर दिया जायेगा. सारी प्रक्रिया पूरी कर संवेदक को काम भी आवंटित कर दिया जाएगा. वहीं, 20 मार्च से सभी सड़कों के मरम्मत के लिए काम भी प्रारंभ कर दिया जायेगा.
जर्जर हालात में अधिकांश सड़के
झारखंड में 15 से 20 वर्षो में केंद्र प्रायोजित योजना पीएमजीएसवाई से सड़कों का निर्माण तो करा दिया गया है पर ये सड़कें अब काफी खराब हालात में हैं. अधिकांश सड़क जर्जर हो गयी है. ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन इस कारण काफी मुश्किल हो रहा है. सभी सड़कें 250 से 500 के आबादी के अनुसार बनायी गयी थी. ऐसे में राज्य सरकार ने पहली बार तय किया था कि इस बार नई सड़क बनाने के बजाए अधिक योजनाएं सड़कों के अपग्रेडेशन ओर मरम्मत की ली जाये. इसी आलोक में पहली बार बड़े पैमाने पर वित्त वर्ष 2021-22 में सड़क मरम्मत का लक्ष्य तया किया गया था,लेकिन सड़क निर्माण का कार्य नहीं हो सका.




