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Ranchi: झारखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से 1.17 लाख आवास का निर्माण पेंडिंग है. सभी जिलों में बड़ी संख्या में निर्माण कार्य लंबित है. कुछ जगह निर्माण चालू है पर काफी धीमी गति से चल रहा है. इसके अलावा अन्य योजनाओं की भी स्थिति अच्छी नहीं है. मनरेगा आयुक्त सह प्रभारी पीएम आवास योजना ग्रामीण राजेश्वरी बी ने इसको लेकर चिंता जतायी है. उन्होंने राज्य के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कहा है कि राज्य में अब भी बड़ी संख्या में आवास निर्माण कार्य लंबित है. लंबित आवास निर्माण कार्य लगभग चार-पांच सालों से लंबित है. मनरेगा आयुक्त ने कहा है कि इसकी निरंतर समीक्षा काम में तेजी लाना होगा. क्योंकि आवास निर्माण विलंब होने से लगातार इसके लागत में वृद्धि हो रही है.
मैटेरियल के मूल्य बढ़ने से आवास निर्माण प्रभावित हो रहा है. ऐसे में बीडीओ को यह देखना होगा कि समय पर लाभुको को पैसा मिले साथ ही मॉडल के हिसाब से ही घर बनें ताकि काम समय पर पूर्ण हो सके. मनरेगा आयुक्त ने वाटरशेड योजना की स्थिति पर भी चिंता जतायी है. कहा कि गिरिडीह, रामगढ़ इत्यादि में वाटरशेड परियोजना पूरी करने के बाद इसके रख-रखाव की रूपरेखा तैयार की गयी है, लेकिन अन्य जिलों में अभी भी रख-रखाव के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. इन जिलों में मेंटेनेंस की राशि भी खर्च नहीं हो रही है. ऐसे में विस्तृत प्लान बनाकर इस दिशा में अधिकारी कार्य करें. उन्होंने यह भी कहा है कि ग्राम विकास डेवलपमेंट प्रोग्राम से योजनाएं ली जा रही है, पर देखा जा रहा है कि कई योजना छह माह से अधिक समय से बंद है. ऐसे में अगर ये योजनाएं समय पर पूरी नहीं होती है तो इसे क्लोज करने की दिशा में काम करना जरूरी है.
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