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पीएम आवास ग्रामीण: झारखंड में 2.80 लाख आवास निर्माण लंबित, केंद्र ने नहीं दिया नया लक्ष्य, ग्रामीण विकास मंत्री ने 1.70 लाख आवास मिलने की जताई उम्मीद

Ranchi : सूबे में आठ माह बाद भी केंद्र से पीएम आवास प्लस से आवास योजना की स्वीकृति नहीं मिल पायी. इस वित्तीय वर्ष 2022-23 अभी तक पीएम आवास में झारखंड को लक्ष्य नहीं मिला है ऐसे में नये लाभुकों को आवास की स्वीकृत नहीं हो पा रहा है. हालांकि, ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम से इस बाबत पुछने पर उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री से इस संबंध में बात हुई है, उम्मीद है कि जल्द ही 1.70 लाख आवास योजना स्वीकृत हो जाये.

बता दें कि,  झारखंड में लगभग 16 लाख से अधिक आवास बनाने का लक्ष्य है. जिसमें 81 फीसदी आवास बना है. वहीं, 2.80 लाख से अधिक आवास निर्माण का काम पेंडिंग है. भारत सरकार ने इसकी समीक्षा की थी और लंबित आवास पर चिंता जतायी थी. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने स्पष्ट कहा था कि जब तक पेंडिंग आवास क्लीयर नहीं होगा तब तक नया आवास स्वीकृत नहीं होगा. ऐसे में राज्य सरकार के समक्ष यह दवाब है कि वे जल्द लंबित आवास को पूर्ण करें. हालांकि, राज्य में बालू की समस्या और अभी धान कटनी जोरों पर है, ऐसे में इन आवासों को समय पर पूर्ण करना संभव नहीं है.

इधर,इस वित्तीय वर्ष का आठ माह भी बीत गया है. ऐसे में महज चार माह से कुछ अधिक समय ही बचा है. अगर दिसंबर माह तक लक्ष्य नहीं मिला तो फिर इस साल झारखंड आवास योजना लेने से वंचित रह सकता है. ऐसे में ग्रामीण विकास विभाग बार-बार सभी जिलों को लंबित आवास पूर्ण करने का निर्देश दे रहा है.

अतिरिक्त कमरे का 50 हजार भी नहीं दे पा रहा राज्य

झारखंड सरकार ने पीएम आवास योजना से स्वीकृत घर में लाभूकों के लिए राज्य के पैसे से अतिरिक्त एक कमरे बनाने की घोषणा की थी. इसके लिए बजट भी स्वीकृत करा रखा है. प्रत्येक अतिरिक्त कमरे के लिए 50 हजार रुपये दिए जाने हैं. लेकिन अभी तक भारत सरकार से नया आवास योजना स्वीकृत नहीं हुआ है ऐसे में लाभुको को आवास नहीं मिल रहा है. ऐसे में 50 हजार रुपये की राशि भी झारखंड सरकार लाभुकों को नहीं दे पा रही है. अब विचार हो रहा है कि इस मद की राशि प्रत्यार्पित कर दी जाये.

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