
Ranchi: गुमला जिले में इन दिनों स्पोर्टस बैंक की खूब चर्चा है. इसके जरिये जिले के ऐसे टैलेंटेड प्लेयरों को मदद मिल रही है जिनके सामने पैसे की तंगी है. जिला प्रशासन के स्तर से शुरू किये गये इस बैंक ने केंद्र का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है. इसी का नतीजा है कि ऐसे अनूठे प्रयास के लिए जिले को पीएम अवार्ड दिया जा रहा है. डीसी सुशांत गौरव ने पूर्व में इस बैंक का उद्घाटन किया था. बैंक से ऐसे खिलाड़ियों को राहत मिल रही है जो उपकरणों की खरीद में बेबस हैं. प्रतिभाशाली होने के बावजूद औऱ पैसों के अभाव में जरूरी उपकरण खरीद नहीं पाते और खेलना छोड़ बैठते हैं, उन्हें इससे अब मदद मिल रही. जिले के खिलाड़ी अब बगैर किसी खर्च के बेहतरीन उपकरणों का लाभ ले रहे हैं. साथ ही अपने खेल में अपना हुनर भी डेवलप करने लगे हैं.

नेशनल स्तर पर बढ़ने लगी भागीदारी
खेल बैंक में फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, हॉकी, बैडमिंटन, वॉलीबॉल आदि जैसे सभी खेलों के लिए बेहतरीन गुणवत्ता वाली खेल सामग्रियां उपलब्ध करायी जा रही हैं. इससे जिले में आयोजित होनेवाले टूर्नामेंट्स में खिलाड़ियों को काफी मदद मिल रही है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भी जाने में यह कारगर साबित हुआ है. इसके अलावा अन्य कई योजना पर जिला प्रशासन की टीम लगातार काम कर रही है.
खिलाड़ियों के लिए ओपन जिम बोनस साबित हुआ है. खिलाड़ियों एवं जिले वासियों के लिए एक बोनस के रूप में ओपन जिम का निर्माण किया गया है. स्वस्थ जीवन शैली और तंदुरूस्ती के लिए 11 ओपन जिम अब तक स्थापित किए गए हैं. इसका उपयोग न केवल खिलाड़ी बल्कि हर आयु के महिला एवं पुरुष कर रहे हैं. ओपन जिम ने स्वस्थ समाज के निर्माण में एक कदम आगे बढ़ाया है.
खेल मैदानों का भी लाभ जिलेवासियों और खिलाड़ियों को मिल रहा है. सुशांत गौरव मानते हैं कि जिले में हर क्षेत्र के खिलाड़ी किसी भी अभाव के कारण रुके नहीं, बल्कि अपनी क्षमता और योग्यता को समझते हुए आगे बढ़ें. इसके लिए प्रशासन लगातार पहल कर रहा है. जिले में हर एक खेल के लिए खेल अवसंरचना तैयार किया जा रहा है. बैडमिंटन के खिलाड़ियों के लिए 3 अनुमंडल मुख्यालयों में अत्याधुनिक इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया गया है. फुटबॉल के खिलाड़ियों के लिए सभी ग्राम पंचायतों में 1-1 फुटबॉल मैदान का निर्माण हुआ है. क्रिकेट के खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तरीय क्रिकेट पिच का निर्माण किया गया है. इसका उद्घाटन हाल ही में हुआ है. इसके अलावा जिला स्तरीय फुटबॉल एवं एथलेटिक्स खेल मैदान के भी निर्माण कार्य पर योजना बनाई जा रही है. साथ ही एथलेटिक्स के खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल भी तैयार किए जाने पर कार्य शुरू है.
खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने को समय समय पर जिला, अनुमंडल, प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है. खिलाड़ियों को लगातार हर मुमकिन तरीके से आगे बढ़ने को प्रेरित किये जाने की कोशिश है. लड़कियों के लिए फुटबॉल आवासीय केंद्र को इंडोर स्टेडियम परिसर में स्थानांतरित किया गया है. इसमें खेल बैंक, ओपन जिम, सोलर बैकअप बिजली आदि जैसी सुविधाएं दी गयी हैं. निरंतर केंद्रित प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप 6 महीने के भीतर ही राष्ट्रीय जूनियर महिला फुटबॉल टीम में 3 प्रशिक्षुओं का चयन किया जाना इन प्रयासों का एक उदाहरण है.
इसे भी पढ़ें: 6OOO से भी अधिक सरकारी स्कूलों में धरातल पर RTE नहीं, एक टीचर के भरोसे लाखों नौनिहालों का भविष्य




