
Hong Kong : ऑप्टिकल फाइबर टेक्नोलॉजी के लिए 2009 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले चार्ल्स के. काव का रविवार को निधन हो गया. वह 84 वर्ष के थे. हांगकांग सरकार और खबरों के अनुसार, चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के पूर्व कुलपति काव अल्जाइमर्स से पीड़ित थे. हालांकि अभी तक काव के निधन के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है.
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काव के कामकाज ने ‘इंटरनेट’ को संभव बनाया
काव आईटीटी कोर में अनुसंधानकर्ता थे. 1966 में काव और उनके सहकर्मी ने एक शोधपत्र प्रकाशित किया था. जिसमें कहा गया था कि शुद्ध ग्लास फाइबर का इस्तेमान संचार माध्यम के रूप में किया जा सकता है. इस तकनीक ने नव-विकसित लेजर के साथ मिलकर संचार उद्योग को बढ़ावा दिया. ‘द साऊथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने अपने संपादकीय में कहा कि काव के कामकाज ने ‘इंटरनेट’ को संभव बनाया.
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1933 को शंघाई में हुआ था काव का जन्म
नोबेल फाउंडेशन की ओर से जारी जीवनी के अनुसार, चार्ल्स कुएन काव का जन्म चार नवंबर, 1933 को शंघाई में हुआ था. उनकी मां कवयित्री थीं जबकि पिता अमेरिका में शिक्षित एक न्यायाधीश थे. उनका परिवार 1948 में हांगकांग आया, जहां काव ने अपनी हाई स्कूल की शिक्षा पूरी की. उन्होंने लंदन के वूलविच पॉलिटेक्निक से इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग की शिक्षा पूरी की. काव 1987-96 तक चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के कुलपति रहे थे.
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