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झारखण्ड में BPED के भरोसे नहीं बन पाएंगे शारीरिक शिक्षक, स्नातक की डिग्री भी जरुरी

Ranchi : अगर आपके पास बैचलर ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन (BPED) की डिग्री है और आप झारखण्ड के माध्यमिक स्टार के स्कूलों में शारीरिक शिक्षक बनना चाहते हैं तो अब यह संभव नहीं है. आपके पास बीपीएड के साथ-साथ ग्रेजुएशन की डिग्री भी होनी चाहिए. और केवल ग्रेजुएशन कर लेना ही काफी नहीं होगा. ग्रेजुएशन में 50 फीसदी अंक भी होने चाहिए. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को अंक के प्रतिशत में छूट दी जायेगी. यह नहीं नियुक्ति नियमावली के तहत लागू की गयी है, इसे सरकार की मंजूरी मिल चुकी है.

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माध्यमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक बनने के लिए जो नौ नियुक्ति नियमावली बनायी गयी है उसमें राहत यह दी गयी है कि आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स में से किसी भी संकाय में स्नातक करने वाले उम्मीदवार आवेदन करने और शिक्षक बनने के योग्य माने जायेंगे.

पुरानी नियमावली में स्नातक में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक था जरुरी

राज्य में वर्ष 2016-17 में शारीरिक शिक्षकों की ही हुई नियुक्ति में अभ्यर्थियों के लिए स्नातक में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य किया गया था. इस बार इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है. हालांकि पिछली बार की तरह इस बार भी अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के अलावा दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए इस न्यूनतम अंक प्रतिशत में पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी. इस तरह, न्यूनतम 45 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक उत्तीर्ण अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग अभ्यर्थी शारीरिक शिक्षक नियुक्ति को लेकर होनेवाली प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. वर्ष 2016-17 में हुई नियुक्ति में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया था.

झारखंड से मैट्रिक-इंटर अनिवार्य

नयी नियोजन नीति के तहत अब दुसरे किसी पद पर नियुक्ति की तरह ही शारीरिक शिक्षकों की होनेवाली नियुक्ति के लिए भी सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए झारखंड के स्कूल, कालेजों से मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है. आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को इससे छूट दी गई है. साथ ही अभ्यर्थी को स्थानीय रीति-रिवाज, भाषा एवं परिवेश का ज्ञान होना अनिवार्य होगा.

35 हज़ार शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति की उम्मीद

झारखंड के स्कूलों में 35 हजार शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति होने की उम्मीद है. राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में एक-एक शारीरिक शिक्षक बहाल होंगे. अभी मात्र 200 शारीरिक शिक्षक नियुक्त हैं. शिक्षा के साथ-साथ खेल और शारीरिक शिक्षा को जोड़ने के लिए गठित कमेटी ने इसकी अनुशंसा की है. कमेटी की रिपोर्ट में प्राइमरी, मिडिल और हाई स्कूलों में (पहली से दसवीं क्लास तक) शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य विषय के रूप में और प्लस टू में वैकल्पिक विषय के रूप में रखने को कहा है. इससे मैट्रिक की परीक्षा में शारीरिक शिक्षा भी अनिवार्य विषय के रूप में शामिल हो सकेगी. इसके लिए हर स्कूलों में एक-एक शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति होगी, जो छात्र छात्राओं को पढ़ाएंगे. वर्तमान में जब तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती है तब तक स्कूल के ही किसी शिक्षक, जिन्हें शारीरिक शिक्षा और खेल में रुचि हो उन्हें इसका नोडल शिक्षक बनाया जा सकता है.

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