
Ranchi: टेट परीक्षा पास पारा शिक्षकों के समायोजन के मामले में शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए याचिका खारिज कर दी. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में 30 नवंबर को फैसला सुरक्षित रखा था. उस दिन दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी हो गई थी. पारा शिक्षकों के मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा वर्ष 2021 में गठित कमेटी की रिपोर्ट पेश किया गया था. सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कहा गया कि पारा शिक्षकों को जो वेतन मिलता है वह सहायक शिक्षक के बराबर मिलना चाहिए. यह कहा गया कि वे लंबे समय से पारा शिक्षक के रूप में काम कर रहे हैं ऐसे में उन्हें रेगुलराइज किया जाना चाहिए.
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क्या है मामला
प्रार्थी सुनील कुमार यादव व अन्य समेत करीब 113 याचिकाएं पारा शिक्षकों के सहायक शिक्षक के रूप में वेतन एवं नियमितीकरण के मामले में हाईकोर्ट में दाखिल की गयी है. याचिका में कहा गया है कि पारा शिक्षक के पद पर वे 15 वर्ष से अधिक समय से काम कर रहे हैं. साथ ही वे शिक्षक पद की अहर्ता पूरी करते हैं. राज्य सरकार उनकी सेवा को स्थाई करे और उन्हें सहायक शिक्षक के पद पर समायोजित किया जाये. साथ ही समान कार्य के बदले समान वेतन उन्हें दिया जाये.




