
Ranchi: राजधानी के नगड़ी प्रखंड में पदस्थापित ग्राम रोजगार सेवक जगदीश तिर्की का मंगलवार को निधन हो गया. वे कोरोना संक्रमित थे. सदर अस्पताल, रांची में वे ईलाजरत थे.
झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ अपने एक और कर्मी के खोने के बाद से मर्माहत और चिंतित है. अब तक 6 कर्मी कोरोना काल में अपनी जान गंवा चुके हैं. संघ ने सरकार के पास मनरेगा कर्मियों के लिये एक बार फिर से सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिये जाने को गुहार लगायी है.
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अब तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं
मनरेगा कर्मी संघ, झारखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश सोरेन के मुताबिक, मनरेगा कर्मियों के सामने चौतरफा संकट है. सरकार के आश्वासन के बावजूद अब तक कर्मियों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
6 कर्मियों ने कोरोना काल में ड्यूटी करते हुए जान गंवायी है. पर इनमें से एक को भी एक रुपये का भी लाभ नहीं मिला है. संघ राज्य सरकार से मांग करता है कि मृत कर्मियों के परिवार को सामाजिक सुरक्षा के तहत सरकारी लाभ दिया जाए. साथ ही उनके परिवार के एक आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाए.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री मनरेगा कर्मियों के लिये पहल करें. ऐसे कर्मी कोरोना काल में कई खतरों के साथ काम कर रहे हैं. उनके लिये 50 लाख की बीमा सुविधा तय करने के साथ ही कोरोना की ड्यूटी ली जाये.
बगैर इसके कोरोना काल में ड्यूटी करना कर्मियों के लिये खतरों से भरा है. वर्तमान में मनरेगा कर्मी बिना सामाजिक सुरक्षा बीमा के ही क्वॉरेंटाइन सेंटर से लेकर श्मशान घाट तक की ड्यूटी पर अपनी सेवा दे रहे हैं.
इससे पूर्व कई मनरेगा कर्मियों की कोरोना संक्रमण के कारण मृत्यु हो चुकी है . इस विश्वव्यापी महामारी में संघ सरकार के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़ा है. पर सरकार को मनरेगा कर्मियों के भविष्य और उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए.
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