
Palamu: नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में पलामू पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र से पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया है.
उनके पास से आठ जीबी का मेमोरी चिप और चार मोबाइल फोन बरामद किये गये हैं. चिप में माओवादियों की कई गोपनीय जानकारियां हैं. इसके मिलने से नक्सलियों के छुपे हुए कई भेद खुलने की संभावना है. चिप में मिली जरूरी जानकारियों पर पुलिस की कार्रवाई तेज है.
दूसरे रीजन के संगठन तक पहुंचाने से पहले धराया चिप
पलामू के प्रभारी गढ़वा पुलिस अधीक्षक अश्विनी कुमार सिन्हा ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि छतरपुर थाना क्षेत्र से तीन माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है.
गिरफ्तार माओवादी अखिलेश यादव उर्फ अखिलेश सिंह बिहार-झारखण्ड स्पेशल एरिया कमिटी के सचिव एवं कुख्यात नक्सली विनय यादव उर्फ गुरु उर्फ मुराद का छोटा भाई है.
मुराद के कहने पर नक्सली पर्चा और मेमोरी चिप दूसरे रीजन में संगठन के पास भेजा जा रहा था. पुलिस ने गिरफ्तार माओवादी के पास से पर्चा व एक इम्पोटेंट मेमोरी चिप बरामद किया है.
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बड़ी उपलब्धि मान रही पुलिस
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है. माओवादी अखिलेश यादव द्वारा मेमोरी चिप और पर्चा को माओवादियों के दूसरे रिजन में संगठन के पास भेजा जा रहा था.
पूछताछ के दौरान नक्सलियों ने बताया कि चिप हरिहरगंज के अजय यादव द्वारा दिया गया था. इस सामान को इसके द्वारा अपने नजदीकी रिश्तेदार मिथिलेश यादव तक पहुंचाना था.
अखिलेश यादव की स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर हरिहरगंज से अजय यादव और लेस्लीगंज थाना क्षेत्र से मिथिलेश यादव को गिरफ्तार किया गया.
दो नक्सली बिहार के, एक लेस्लीगंज का है निवासी
अखिलेश यादव और अजय यादव बिहार के अंबा थाना क्षेत्र के देउरा गांव निवासी हैं, जबकि मिथिलेश यादव लेस्लीगंज के कठौंधा गांव का रहने वाला है.
गिरफ्तार तीनों रिश्तेदार हैं. तीनों ने माओवादी संगठन के लिए काम करने की जानकारी दी है.
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चिप में मौजूद हैं कई महत्वपूर्ण जानकारियां
प्रभारी एसपी ने मेमोरी चिप को काफी महत्वपूर्ण बताया है. उन्होंने चिप में मौजूद जानकारी को बताने से इंकार करते हुए सिर्फ इतना कहा कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण है.
चिप के महत्व को इस बात से समझा जा सकता है कि इसे सुरक्षित भेजने के लिये कई लोगों को कुरियर के रूप में इस्तेमाल किया गया. इसके पकड़े जाने से माओवादियों को झटका लगा है.
माओवादी मृतप्राय हो चुके यूपी-झारखंड-बिहार सीमांत कमिटी को जिंदा करने के कोशिश में हैं.
गिरफ्तारी अभियान में ये थे शामिल
छतरपुर एसडीपीओ शम्भू कुमार सिंह के नेतृत्व में माओवादियों के गिरफ्तारी के लिये कार्रवाई किया गया, जिसमें छतरपुर थाना प्रभारी बासुदेव मुंडा, हरिहरगंज थाना प्रभारी, लेस्लीगंज थाना प्रभारी, छतरपुर थाना के सुभाष मलिक, सैट और जिला बल के जवान शामिल थे.
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