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झारखंड के 10 हजार शिक्षकों का वेतन रोकने का फरमान

Ranchi: राज्य के करीब 10 हजार सरकारी शिक्षक ई-विद्यावाहिनी में हाजिरी नहीं बना रहे हैं. ऐसे शिक्षकों का वेतन रोकने को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने आदेश जारी किया है.

विभाग ने कहा है कि यह सरकारी निर्देशों का उल्लंघन है. उन्होंने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिख कहा है कि ऐसे शिक्षकों का जनवरी माह से लेकर तब तक का वेतन स्थगित रखें जबतक ये अपनी उपस्थिति ई-विद्यावाहिनी में दर्ज नहीं करते हैं. इसके साथ ही सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है.

ये सभी शिक्षक माध्यमिक व उच्च विद्यालय के हैं, जिन्हें नये नियमानुसार विद्यावाहिनी ऐप से ही हाजिरी बनानी है. लेकिन दस हजार शिक्षक नियमानुसार अपनी हाजिरी नहीं बना रहे हैं, जिसके बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है.

मालूम हो कि पिछले माह ही विभाग द्वारा यह निर्देश जारी किया गया था कि सभी शिक्षकों को अब ई-विद्यावाहिनी में ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा. इसके बाद 20 दिसंबर से ई-विद्यावाहिनी के आंकड़ों का विशलेषण किया गया, जिसमें पाया गया कि कई स्कूलों के शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति ही दर्ज नहीं की है.

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सबसे अधिक पलामू, गिरिडीह और दुमका के शिक्षक नहीं बना रहे हाजरी

सभी जिलों में से सबसे अधिक दुमका, गिरिडीह और पलामू के शिक्षक हैं जो ऑनलाइन अपनी हाजिरी नहीं बना रहे हैं. इनमें पलामू से 824, गिरिडीह से 726 और दुमका से 578 शिक्षक शामिल हैं. इसके बाद राजधानी रांची से 483 शिक्षक हैं.

बोकारो से 513 और देवघर से 522 शिक्षक नहीं हाजिरी नहीं बना रहे. ऐसे शिक्षकों की सबसे कम संख्श सिमडेगा से है, यहां 85 शिक्षकों के नाम भेजे गए हैं.

‘जब इंटरनेट ही नहीं है तो कैसे बनाए हाजिरी’

जिन शिक्षकों पर सवाल उठाए गये हैं उनका कहना है कि जब इंटरनेट की सुविधा ही नहीं है तो वे हाजिरी कैसे बनाएंगे. मालूम हो कि सूबे के 262 प्रखंडों में से 62 प्रखंड में इंटरनेट है ही नहीं, जिस कारण भी ऑनलाइन व्यवस्था में काफी जटिलता है. शिक्षकों ने इस संबंध में अपने संबंधित प्रभारियों को इस समस्या का निजात करने को कहा है.

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