
Ranchi: रिम्स में नियुक्ति मामले में राज्य सरकार और रिम्स प्रबंधन पर हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की. कोर्ट ने कहा कि जब 2015 में ही चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव शासी निकाय से पारित है तो सरकार इस पर कोई निर्णय क्यों नहीं ले रही है. कोर्ट ने कहा कि रिम्स प्रबंधन जो हलफनामा दे रही है, उसमे प्रबंधन खुद खरा नहीं उतरते. जिन कर्मियों को आउटसोर्सिंग पर नियुक्त किया गया है, उन्हें ही स्थायी करें. चीफ जस्टिस रवि रंजन और एस एन प्रसाद की बेंच में मामले की सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई हर सप्ताह हो रही है.
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कोर्ट ने मांगा था जवाब
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने रिम्स प्रबंधन और राज्य सरकार से मामले में जवाब मांगा. साथ ही कहा था कि चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के लिए रिम्स मे पद है, जो वर्तमान में खाली है. इसके बजाय आउटसोर्सिंग पर बहाली की गयी. जो गलत है. रिम्स प्रबंधन ने मामले में बताया कि राज्य सरकार के आदेश पर आउटसोर्सिंग बहाली हुई है. रिम्स ने राज्य सरकार के आदेश का पालन किया है. कोरोना महामारी के दौरान रिम्स की अव्यवस्था पर कोर्ट की ओर से लिये स्वतः संज्ञान पर सुनवाई हुई.
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