
Vineet Upadhyay
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन की पहल पर एक विक्षिप्त महिला को सही इलाज मिल पाया है. उनके निर्देश पर डालसा की एक टीम ने पीड़िता का रांची के रिनपास में इलाज कराया, जहां डॉक्टर्स ने कहा कि घर पर रहकर भी महिला का इलाज हो सकता है. जिसके बाद उसे दवाई डालसा की ओर से दिलवाई गयी.
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विक्षिप्त की चीफ जस्टिस ने की मदद
दरअसल, सीजेजे डॉ. रवि रंजन को जानकारी मिली कि चान्हो प्रखंड के रानीचांचो गांव में 22 वर्षीय विक्षिप्त महिला सुनीता मुर्मू (बदला हुआ नाम) की जिंदगी घर में कैद होकर कट रही है. वह मानसिक रूप से बीमार है, मौका मिलते ही वह घर से भाग कर वस्त्रहीन होकर इधर-उधर घुमती रहती है.
मामले में मुख्य न्यायाधीश ने संज्ञान लेते हुए रांची न्यायायुक्त-सह- डालसा अध्यक्ष नवनीत कुमार को पीड़ित युवती को हर संभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया. इस निर्देश पर डालसा सचिव ने अविलम्ब एक टीम गठित कर पीड़िता के घर भेजा.
उक्त टीम में पीएलवी बबली कुमारी, अनिता कुमारी और भारती देवी ने जाकर पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात कर पीड़िता का हाल जाना और पीड़िता को विधिक सहायता की जानकारी दी. साथ ही इलाज के लिए रिनपास लेकर आयी.
डालसा की टीम लेकर आयी रिनपास
उक्त डालसा की टीम मंगलवार को पीड़िता को उनके परिजन के साथ उचित इलाज के लिए रांची रिनपास लेकर आयी. जहां डॉक्टर्स ने देवकी की जांच कर बताया कि उसे अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं हैं. दवा देने पर ठीक हो जायेगी.
डालसा टीम ने पीड़िता को रिनपास से दवा उपलब्ध करायें और आगे भी टीम पीड़िता का निरंतर ध्यान रखकर दवा उपलब्ध कराते रहेंगी.
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आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार
पीड़िता के माता-पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. पिता खेती-बारी का काम करके अपना जीविका किसी तरह से चलाते है, उनके पांच बच्चे हैं. बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है. आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण हर साल कमाने भट्ठा पर जाते हैं. पैसे की कमी के कारण वे बेटी का सही ढंग से इलाज नहीं करा पा रहे थे.
बता दें कि कई मामलों में झारखंड मुख्य न्यायाधीश का मानवीय चेहरा सामने आया है और उनके आदेश से कई मानसिक रोगियों को रिनपास में इलाज के लिए भर्ती कराया गया. चीफ जस्टिस के आदेश पर रांची डालसा की ओर से हर संभव मदद पहुंचायी जा रही है. पिछले दो महीने में लगभग 15 मानसिक रोगियों को डालसा ने रिनपास में भर्ती कराया गया और लगभग 150 लोगों को दवायें उपलब्ध कराकर उनके घर तक भेजवाया गया.
यह भी बता दें कि विभिन्न राज्यों के मानसिक रोगी जिनका इलाज रिनपास एवं सीआइपी से हो रहा था और लॉकडाउन के कारण इलाज के लिए रांची नहीं आ पा रहे थे. उन लोगों ने रांची डालसा को आवेदन दिया. जिसके बाद डालसा ने कुरियर से दवा उनके घर तक भेजवायी, जिससे झारखंड एवं बिहार के कई जिलों के रोगी लाभान्वित हो रहे हैं.
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