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अब पाकुड़ की जनता कह रही कैसे डीसी के संरक्षण में हो रहा है अवैध खनन, सवालों पर डीसी चुप

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Ranchi: पाकुड़ में अवैध खनन होता है. इस बात की पुष्टि और कोई नहीं बल्कि पाकुड़ के एसडीएम ने की है. वो भी एक बार नहीं दो बार. पाकुड़ डीसी को एसडीएम ने जो रिपोर्ट सौंपी थी, उसमें उन्होंने साफ कहा था कि एएमओ सुरेश शर्मा इस अवैध उत्खनन को संरक्षण देते हैं. पाकुड़ मुख्यालय डीएसपी और एसडीएम ने डीएमओ और एएमओ को जो रिपोर्ट दी थी, उस रिपोर्ट में इस बात का साफ उल्लेख है कि पाकुड़ के खागाचुआं में अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है.

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इस रिपोर्ट की एक कॉपी डीसी पाकुड़ दिलीप झा को भी दी गयी. लेकिन आज तक एएमओ पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई. हालात ये हैं कि छोटे से जिले पाकुड़ में हर चौक-चौराहे पर अवैध खनन की ही चर्चा है. हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा रहा है कि अब पाकुड़ की जनता राज्यपाल समेत झारखंड के सभी आला अधिकारियों को चिट्ठी लिख कर इस बात की जानकारी दे रही है कि कैसे पाकुड़ में अवैध खनन हो रहा है. पाकुड़ जिले के राधानगर निवासी कुलदीप पांडे और यासीन मियां ने मामले को लेकर सरकार और राज्यपाल को एक चिट्ठी लिखी है.

पढ़िए पाकुड़ की आम जनता की हू-ब-हू चिट्ठी

श्रीमान,
जानिए कैसी है आपके ईमानदार डीसी की छवि




पाकुड़ जिला के पाकुड़िया थाना क्षेत्र अंतर्गत खागाचुआं क्षेत्र में अवैध पत्थर उत्खनन को लेकर बाजार में जोरों से चर्चा हो रही है. वैध कागजात रहने के बावजूद भी कोई न कोई नुक्श निकालकर डीसी दिलीप कुमार झा खदान और क्रशर बंद करा देते हैं. जिस वजह से मजदूरी की तलाश में रोजाना पाकुड़ के लोग दिल्ली और मुंबई पलायन करने को विवश हैं. लेकिन दूसरी तरफ खनन कार्यालय पाकुड़ ना जाने किसके आदेश पर खागाचुआं में बीते एक साल से अवैध पत्थर उत्खनन करवा रहा है.

पढ़िए न्यूज विंग की खबरः पाकुड़ः सहायक खनन पदाधिकारी पर कार्रवाई की अनुशंसा के बाद भी डीसी नहीं करते कोई कार्रवाई

12 जून 2018 को डीसी के निर्देश पर खागाचुआं गांव में अवैध पत्थर उत्खनन को लेकर जिला टास्क फोर्स ने छापेमारी की. जिसमें करीब 10 अवैध खदान चालू हालत में पाए गए. खदान परिसर से लगभग 20 गाड़ियां जब्त की गयीं. लेकिन गाड़ियों के नंबर से गाड़ी मालिक का नाम-पता जाने बिना सहायक जिला खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा ने पाकुड़िया थाना में अज्ञात के विरुद्ध कांड दर्ज करवाया. पत्थर माफिया को बचाने का काम किया जो काफी हास्यास्पद है. क्या इतनी बड़ा दुस्साहस सुरेश शर्मा ने बिना डीसी के निर्देश पर ही किया होगा. अगर ना तो अब तक उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गयी.

पढ़िए न्यूज विंग की खबरः पाकुड़ः माफिया पर टास्कफोर्स की सख्ती, लेकिन सहायक खनन पदाधिकारी को कार्रवाई से परहेज



पुलिस ने मांगे विभाग से माफिया की फाइल, विभाग ने सौंपी रैयतों की लिस्ट

पाकुड़ पुलिस ने जिला खनन कार्यालय पाकुड़ को खागाचुआं गांव में पाए गए अवैध खदान की पहचान कर रही है और पत्थर माफिया की सूची उपलब्ध कराने के लिए लिखित आवेदन दिया. लेकिन जिला खनन पदाधिकारी उत्तम विश्वास ने गरीब रैयतों की सूची पुलिस को थाम दी. लिस्ट में कुछ पत्थर माफिया के नाम तो हैं, लेकिन किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गयी. क्या सरकारी तंत्र फेल हो चुका है. मैं एक आम आदमी खागाचुआ में हो रहे अवैध खनन करने वाले माफिया का नाम बता रहा हूं. श्रीमान से अनुरोध है कि जांच करा लें तो डीसी दिलीप कुमार झा की ईमानदारी तार-तार हो जाएगी.

श्याम कुमार नर्नोली, उर्फ श्याम बाबू, असीम, प्रकाश, सुजन दास, भुट्टु, रफीक, असगर मिस्त्री, रेन्टु और हुज्जत इत्यादि.

पढ़िए न्यूज विंग की खबरः पाकुड़ शहर में डीसी के खिलाफ पोस्टरबाजी, जूनियर इंजीनियर और खनन पदाधिकारी के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने का आरोप

डीसी, डीएमओ और एडीएमओ के बीच गहरी सांठगांठ

आगे लिखते हुए शिकायतकर्ता ने लिखा है कि महाशय पाकुड़ जिला में अभी करोड़ों का खेल हो रहा है. जिसमें गार्जियन के रूप में डीसी हैं. डीएमओ उत्तम विश्वास और एएमओ सुरेश शर्मा अहम किरदार निभा रहे हैं. तीनों के बीच गहरी सांठगांठ है. डीसी साहब के इशारे पर लूटपाट का खेल चल रहा है. अब तो चाय-पान की दुकान में भी इस बात की चर्चा होने लगी है. ऐसे में सवाल उठता है कि ये पत्थर माफिया हैं कौन ?

श्रीमान, यह सभी पश्चिम बंगाल नलहटी के रहने वाले हैं. जहां की सरकार घोषणा करती है कि झारखंड के मरीजों का इलाज पश्चिम बंगाल में नहीं होगा. लेकिन झारखंड में ही आकर यह लोग अवैध कारोबार करते हैं और यहां के राजस्व को लूट कर अपने राज्य ले जा रहे हैं.

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सीएम से किया अनुरोध

मुख्यमंत्री जी और झारखंड सरकार के वरीय पदाधिकारी से अनुरोध है कि उक्त संबंध में उच्च स्तरीय जांच की जाए. पाकुड़ डीसी, डीएमओ और एएमओ के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की कृपा की जाए. सभी खदान परिसर की मापी हो. संबंधित पत्थर माफिया पर प्राथमिकी दर्ज कर चोरी की गयी सरकारी राजस्व की भरपाई की जाए. ताकि आने वाले दिनों में इस तरह का दुस्साहस कोई ना कर सके.

कॉपी जिनको दी गयी

गृह सचिव, मुख्य सचिव, सचिव खनन विभाग, निगरानी विभाग झारखंड, पुलिस महानिदेशक झारखंड, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक रेल रांची दुमका क्षेत्र, पुलिस उपमहानिरीक्षक दुमका और सभी मीडिया हाउस.

डीसी से न्यूज विंग ने पूछा सवाल, डीसी ने नहीं दिया कोई जवाब

खबर छापने से पहले न्यूज विंग संवाददाता ने पाकुड़ डीसी दिलीप कुमार झा से इस मामले से संबंधित पांच सवाल पूछे. उनके व्हाट्एसएप पर सवाल भेजे गए. साथ ही उनके ऑफिशियल मेल पर भी ये सवाल भेजे गए. लेकिन पाकुड़ डीसी दिसीप कुमार झा ने किसी तरह का कोई जवाब मामले में नहीं दिया. अगर पाकुड़ डीसी डिलीप कुमार झा सवालों का जवाब देते हैं, तो उनके जवाब को भी न्यूज विंग प्रमुखता से छापेगा.

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डीसी से न्यूज विंग से सवाल

पाकुड़ के राधानगर निवासी कुलदीर पांडे, थाना पाकुड़िया और यासीन मियां ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, सचिव खनन विभाग, एडीजी एंटी करप्शन ब्यूरो, एडीजी सीआईडी, आइजी रेल, डीआइजी दुमका को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने डीसी पाकुड़ (आप), डीएमओ और एएमओ पर आरोप लगाया है कि पाकुड़ जिला के खागाचुआं में आप सबों के सहयोग से अवैध उत्खनन का काम हो रहा है.

विभिन्न विभागों के द्वारा इस शिकायत पर कार्रवाई भी शुरू कर दी गयी है. न्यूज विंग इस संबंध में खबर प्रकाशित करने जा रहा है. खबर में आप पर लगे आरोपों से संबंधित पांच सवाल निम्न हैं.

सवाल- 01- क्या यह सही है कि 12 जून 2018 को आपके निर्देश पर पाकुड़िया थाना क्षेत्र के आगाचुआं गांव में अवैध पत्थर उत्खनन को लेकर जिला टास्क फोर्स ने छापेमारी की गयी थी ?



सवाल- 02- क्या यह सच है कि छापामारी में करीब 10 अवैध खदान चालू हालत में पाए गए थे और खदान परिसर से लगभग 20 गाड़ियां जब्त की गयीं थी ?

सवाल- 03- क्या यह सच है कि गाड़ियों के नंबर से गाड़ी मालिक का नाम-पता का पता लगाये बिना सहायक जिला खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा ने पाकुड़िया थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवायी ?

सवाल- 04- क्या यह सही है कि इस मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच के दौरान पुलिस ने खनन विभाग से माफिया का नाम पूछा और विभाग ने पुलिस को रैयतों की सूची उपलब्ध करा दी.

सवाल- 05- क्या यह सही है कि पाकुड़ के श्याम कुमार नर्नोली उर्फ श्याम बाबू, असीम, प्रकाश, सुजन दास, भुट्टु, रफीक, असगर मिस्त्री, रेन्टु और हुज्जत इत्यादि पत्थर माफिया के रुप में चिन्हित हैं ?



आपसे आग्रह है कि जो आरोप लगे हैं, उससे संबंधित सवालों का जवाब दें. ताकि हम प्रकाशित होने वाली खबर के साथ आपका पक्ष भी प्रमुखता से प्रकाशित कर सकें.
धन्यवाद



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