JharkhandMain SliderPakurRanchi

पाकुड़ः माफिया पर टास्कफोर्स की सख्ती, लेकिन सहायक खनन पदाधिकारी को कार्रवाई से परहेज

Ranchi/Pakur: कहने को तो पाकुड़ एक छोटा सा जिला है.लेकिन राज्य भर में इसकी पहचान इसका आकार नहीं, बल्कि यहां होने वाला अवैध खनन है. खनन से जुड़े लोगों का कहना है कि पाकुड़ में हर महीने करोड़ों के अवैध खनन कारोबार होता है. इसे सींचने का काम और कोई नहीं बल्कि वहां का प्रशासन कर रहा है.

इसे भी पढ़ेंःअब माननीयों (MLA) की नहीं चलेगी धौंस, सरकारी अफसरों और कर्मियों को नहीं धमका सकेंगे

न्यूज विंग को इसके पुख्ता सबूत मिले हैं कि प्रशासन की शह मिलने के बाद ही खनन माफिया जिले में अवैध खनन का कारोबार फैला रहे हैं. दरअसल खनन विभाग से यहां के माफिया को जरा भी डर नहीं है. वो जानते हैं कि विभाग उन्हें अवैध कारोबार करने से रोक नहीं सकता. अगर पकड़े भी जाते हैं, तो किसी तरह की कोई कार्रवाई माफिया पर नहीं हो सकती. अब-जब इस तरह की छूट किसी जिले में माफिया को मिले तो वहां अवैध कारोबार पर नकेल कैसे कसी जा सकती है.

ram janam hospital
Catalyst IAS

टास्कफोर्स ने पकड़ा, लेकिन विभाग ने नहीं की कार्रवाई

The Royal’s
Sanjeevani
Pushpanjali
Pitambara

एसडीएम पाकुड़ और डीएसपी पाकुड़ ने संयुक्त रूप से एक चिट्ठी जिला खनन पदाधिकारी और सहायक खनन पदाधिकारी को लिखी है. इस चिट्ठी में साफ तौर से एसडीएम पाकुड़ और डीएसपी ने खनन पदाधिकारियों पर आरोप लगाया है कि अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए विभाग किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं करता है. टास्कफोर्स वाहन जब्त कर विभाग को देता है. लेकिन विभाग कार्रवाई नहीं करता. संयुक्त रूप से लिखी गयी चिट्ठी में एसडीएम और डीएसपी पाकुड़ ने लिखा है कि 11 जून को जिला स्तरीय टास्कफोर्स ने रद्दीपुर जो पाकुड़िया थाना क्षेत्र में पड़ता है.

इसे भी पढ़ेंःIL & FS संकटः झारखंड में 35 सौ करोड़ की योजनाओं पर मंडरा रहे हैं संकट के बादल

वहां से भारी मात्रा में चिप्स और बोल्डर जब्त किया था. टास्कफोर्स ने रद्दीपुर ओपी प्रभारी को जब्त सामग्री सौंपा और सहायक खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा को कहा गया कि वो सीओ के साथ मिलकर जांच करें. जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई करें. ताकि सरकार को राजस्व की प्राप्ति हो सके. वहां मौजूद ग्रामीणों ने भी बताया कि यहां अवैध खनन कर भंडारण करने का काम तीन-चार सालों से चला आ रहा है. लेकिन विभाग कभी कार्रवाई नहीं करता. लेकिन टास्कफोर्स की कार्रवाई के बावजूद आज तक जब्त सामग्री पर किसी तरह की कोई कार्रवाई सहायक खनन पदाधिकारी ने नहीं की है.

अवैध खनन से सुरेश शर्मा को कोई फर्क नहीं पड़ता

रद्दीपुर ओपी और पाकुड़िया थाना के अंतर्गत तीन-चार सालों से तकरीबन 10 अवैध माइनंस का संचालन कुछ लोग कर रहे हैं. टास्कफोर्स को जब इस बात जानकारी मिली तो टास्कफोर्स ने विभाग को सभी अवैध माइंस बंद करने. सभी पर उचित कार्रवाई कर जुर्माना वसूलने को कहा गया. लेकिन सहायक खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा ने टास्कफोर्स के निर्देश का पालन नहीं किया. आज तक उन माइंसों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई विभाग की तरफ से नहीं की गयी है. माइंस से अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है.

इसे भी पढ़ेंःखदान आवंटन मामले में फंस सकते हैं CS रैंक के साथ दो IFS, जिस फाइल पर खदान की अनुशंसा हुई, वह भी गायब

टास्कफोर्स ने पकड़ी 21 गाड़ी, विभाग ने एक पर भी नहीं की कार्रवाई

पाकुड़िया थाना के अंतर्गत टास्कफोर्स ने कार्रवाई करते हुए 21 वाहनों को अवैध खनन सामग्री के साथ पकड़ा. सभी वाहनों को जब्त कर टास्कफोर्स ने पाकुड़िया थाना को सुपूर्द कर दिया. टास्कफोर्स ने विभाग को सभी वाहनों पर खनन के नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया. लेकिन गौर करने वाली बात है कि हर बार की तरह इस बार भी सहायक खनन पदाधिकारी ने एक वाहन पर कार्रवाई नहीं की. ऐसे में अवैध खनन करने वालों का पाकुड़ में मनोबल बढ़ेगा नहीं तो और क्या होगा.

इसे भी पढ़ें – गैरमजरूआ जमीन को वैध बनाने का चल रहा खेल, राजधानी के पुंदाग में खाता संख्या 383 की काटी जा रही लगान रसीद

Related Articles

Back to top button