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पाकुड़ः सहायक खनन पदाधिकारी पर कार्रवाई की अनुशंसा के बाद भी डीसी नहीं करते कोई कार्रवाई

Pakur/Ranchi: पाकुड़ के सहायक खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा चाहे जो मर्जी कर सकते हैं. वो प्रशासन के काम में बाधा डाल सकते हैं. वो अवैध खनन कारोबार से जुड़े लोगों को बिना कार्रवाई के जाने दे सकते हैं. वो अपने सीनियर से बदतमीजी कर सकते हैं. पाकुड़ में चाहे जो वो करें, उनपर कार्रवाई करने की हिम्मत कोई नहीं जुटा सकता. जाहिर तौर पर वो ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं कि क्योंकि उन्हें पाकुड़ डीसी दिलीप झा का वरदहस्त प्राप्त है. नहीं तो बार-बार सहायक खनन पदाधिकारी के खिलाफ शिकायत डीसी के पास पहुंचने के बावजूद आखिरकार डीसी पाकुड़ उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते. जिले भर में इस बात को लेकर चर्चा है कि चाहे जितनी भी गलतियां सहायक खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा कर लें. लेकिन उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई होने से रही.

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एसडीएम ने कहा बदतमीजी करते हैं सुरेश शर्मा, कोई फर्क नहीं पड़ा

12 जून को एसडीएम पाकुड़ ने एक रिपोर्ट डीसी पाकुड़ को सौंपी. रिपोर्ट सहायक खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा के खिलाफ थी. एसडीएम ने लिखा कि पर्यावरणीय स्वच्छता प्रमाण पत्र (ईसी) के लिए हम DEIAA सदस्य बीके तिवारी, DEAC सदरस्य डॉ. प्रसेन्नजीत मुखर्जी और सहायक खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा के साथ मालपहाड़ी इलाके में कुल 10 परियोजनाओं की जांच करने जा रहे थे. एक गाड़ी में बीके तिवारी मैं और दूसरी गाड़ी में सहायक खनन पदाधिकारी और डॉ. प्रसेन्नजीत मुखर्जी बैठे हुए थे. जाने के क्रम में एमएमसी के पास चिप्स से लदा एक वाहन आते देखा गया. कुछ आगे बढ़ने पर बोल्डर से लदे वाहन आते दिखायी दिए. इस बाबत जब सहायक खनन पदाधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस इलाके में सब कुछ ठीक है. हमें ढाई-तीन करोड़ का राजस्व हर साल आता है. उससे आगे जैसे ही बढे तो रेलवे साइडिंग के पास पत्थर की ढुलाई कर रही कई गाड़ियों की हमने जांच की. जांच में पाया गया कि चालक के पास ना तो ड्राइविंग लाइसेंस है और ना ही माइनिंग चालान उपलब्ध है. कई गाड़ियों में नंबर तक नहीं थे.

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ऐसा लगा जैसे खनन पदाधिकारी की ही गाड़ी पकड़ी गयी हों

वाहन चालकों से जब गाड़ी साइड करने को कहा गया तो कई चालकों ने आनाकानी करनी शुरू कर दी. उनमें से कई वाहन चालक वहां से फरार हो गए. हालांकि जितने भी गाड़ी पकड़े गए, सभी गाड़ियों को सहायक खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा से थाना पहुंचाने को कहा गया. इतना कहना था कि सुरेश शर्मा काफी उग्र हो गए. वो मुझपर (एसडीएम) भड़क गए. भड़क कर वो एसडीएम के साथ अमर्यादित व्यवहार करने लगे. गुस्से में वो कहने लगे कि चंद गाड़ी ही क्यों, पूरा माइनिंग क्षेत्र ही सील कर दिया जाय. एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उनका व्यवहार देख कर लग रहा था कि जैसे उनकी ही गाड़ी प्रशासन ने पकड़ ली हो. बाद में रिपोर्ट में एसडीएम ने लिखा है कि उनके ऐसे व्यवहार की वजह से काफी मुश्किलों का समना करके सभी पकड़े गए. छह वाहनों को पास के थाना में आकर लगाया गया. एसडीएम ने कहा कि सुरेश शर्मा के इस व्यवहार को वहां मौजूद सभी लोगों ने देखा. एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में साफ-साफ लिखा कि पाकुड़ में संचालित अवैध खनन में सहायक खनन पदाधिकारी की संलिप्‍तता साफ तौर से झलकती है. डीसी को संबोधित अपने रिपोर्ट में एसडीएम ने कहा कि ऐसे अधिकारी पर जितनी जल्दी हो सके कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन, अभी तक सहायक खनन पदाधिकारी पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

कल पढ़िएः खनन पदाधिकारी ने जिले भर में फैला रखा है अवैध माइनिंग का जाल, डीसी से कैसे प्राप्त है वरदहस्त.

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