
Giridih : सुरक्षा प्रभारी जयप्रकाश उर्फ भोला सिंह का दंसवें दिन मंगलवार तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा. सीसीएल प्रबंधन के साथ गिरिडीह पुलिस भी चानक के पास लगातार नौ दिन से हैरान-परेशान है कि आखिरकार सुरक्षा प्रभारी चानक में हैं भी या नहीं.
इधर, इंदौर की टीम भी सोमवार को वाटरप्रूफ कैमरा लेकर चानक पहुंची और उसे चानक के भीतर भेजा.
इसे भी पढ़ें : RU ने सॉफ्टवेयर गड़बड़ी बताकर किया B.ED का मेरिट लिस्ट कैंसिल, एडमिशन नहीं लेने के दिये निर्देश
700 फीट अंदर सतह पर सिर्फ मलबा
सोमवार तक चर्चा रही कि चानक के भीतर बाइक के टायर के निशान और एक उंगली नजर आ रही है. लिहाजा, वाटरप्रूफ कैमरे से मिले निशान व उंगली के बाद सर्च ऑपरेशन में और तेजी लायी गयी. लेकिन दूसरे दिन मंगलवार दोपहर तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा.
कैमरे को रस्सी के सहारे करीब 700 सौ फीट चानक के भीतर घुसाया गया. उसमें सिर्फ चानक की सतह और सतह में पड़े मलबे नजर आ रहे हैं.
इसे भी पढ़ें : देशभर में CBI की रेडः झारखंड के पांच शहरों में छापेमारी, रांची के तीन ठिकानों पर छापा
परिजनों ने उठाये सवाल, खून के धब्बे जहां मिले वहां तलाशी क्यों नहीं?

इधर 10 दिनों से लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के बाद अब सुरक्षा प्रभारी की पत्नी रेणु देवी, उनके बेटों व बेटियों ने साफ तौर पर कहा कि पहले दिन चानक के बाहर रूमाल, चाकू और टायर के निशान मिलने से चानक में तलाशी शुरू की गयी. लेकिन जिस डंप यार्ड के समीप खून के धब्बे और चप्पल मिले, उसके बाद बाद भदुआपहाड़ी के अन्य इलाकों को नहीं खंगाला जा रहा है.
परिजनों ने मांग की कि जिस प्रकार चानक के समीप तलाशी अभियान चलाया जा रहा है उसी तरह दूसरे इलाकों को खंगाला जाये. परिजनों ने चानक के समीप चल रहे तलाशी अभियान को नाकाफी बताया.
कोयला तस्कर पुलिस गिरफ्त से बाहर
वैसे गौर करने वाली बात यह भी है कि जिस ओपेनकास्ट के कोयला तस्कर के खिलाफ बीते रविवार की रात सुरक्षा प्रभारी ने केस दर्ज कराया था, वह भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है.
इधर 10वें दिन भी चानक के समीप सीसीएल के जीएम प्रशांत वाजपेयी और सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव पुलिस जवानों के साथ तलाशी अभियान में डटे नजर आये.
इसे भी पढ़ें : BCCL के जीएम कल्याण प्रसाद के कई ठिकानों पर CBI का छापा, बढ़ी मुश्किलें




