
Patna : जातीय जनगणना (caste census) की मांग एक बार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की है. गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हवाई सर्वेक्षण कर पटना लौटे थे जिसके बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने जातीय जनगणना को लेकर अपना पक्ष रखा. सीएम नीतीश ने स्पष्ट किया कि जातीय जनगणना होनी चाहिए. इसे लेकर उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है और जातीय जनगणना लागू करने की मांग की.
इसके साथ ही नीतीश ने कहा की जातीय जनगणना को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा जा चुका है और इस मसले पर बात करने के लिए समय भी मांगा गया है.
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आपको बता दें 30 जुलाई को बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान जातीय जनगणना पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर सीएम कक्ष में महागठबंधन के सभी नेताओं के साथ पत्र सौंपा था.इसके साथ ही जाति जनगणना को लेकर विधानसभा ने सर्वसम्मति से सभी दलों ने इस पर प्रस्ताव पारित किया.
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अब कयास लगाये जा रहे हैं कि जातीय जनगणना को लेकर नीतीश कुमार और बिहार की विपक्षी पार्टी केंद्र की मोदी सरकार के साथ प्रेशर पॉलिटिक्स करनेवाले हैं. क्योंकि जातीय जनगणना का मामला अब ठंडे बस्ते में नीतीश कुमार नहीं डालना चाहते हैं.
आपको बता दें जातीय जनगणना की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में 7 जुलाई को सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन भी किया जायेगा.
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