
Giridih: जिले की साइबर थाना की पुलिस ने पचम्बा थाना इलाके के बोडो में बलदेव यादव के घर पर छापेमारी कर एक साथ नौ साइबर अपराधियों को दबोचने में सफलता पाई है. पुलिस के अनुसार सारे साइंस के फाइनल इयर के छात्र है। एक साथ नो साइंस के छात्रों की गिरफ्तारी ने गिरिडीह पुलिस को भले ही सफलता दिलाया हो, लेकिन पुलिस भी हैरान है सारे फाइनल इयर के छात्र है। और शार्क्टकॉट में पैसे कमाने को लेकर साइबर अपराधी बन गए। लिहाजा, सोमवार को प्रेसवार्ता कर एसपी दीपक कुमार शर्मा और साइबर डीएसपी संदीप सुमन ने चिंता जताई और कहा की गिरिडीह पुलिस का मकसद है जिले को साइबर क्राइम से मुक्त करने का, लेकिन ये वाकई चिंता ही बात है की अब पढ़े लिखे युवा भी अपराध के रास्ते में जा रहे है। क्योंकि साइंस के यही सारे छात्र बोरो में एक तरह से मिनी कॉल सेंटर चलाते थे,

इस संबंध में एसपी दीपक कुमार शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि सभी साइबर अपराधी बिजली बिल भुगतान करवाने के नाम पर और गर्भवती महिला सरकार की योजना राशि दिलाने के नाम पर ठगी करते थे. अलग अलग एप के जरिए ही गर्भवती महिलाओं के परिजनों को काल कर सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगी करते। इतना ही नहीं सारे अपराधी बिजली विभाग के अधिकारी बन कर भी कंज्यूमर को डराते और बिजली काटने का धमकी देकर ठगी करते थे। गिरफ्तार अपराधियों में जमुआ थाना इलाके के नीलेश मंडल, मुफ्फसिल थाना इलाके के मोहन मंडल, गांधी नगर निवासी नागेश्वर दास के साथ सिहोडीह निवासी रुद्र कुमार रॉकी, बेंगाबाद निवासी महेंद्र सिंह, मोतीलाल किश्कू, नीरज कुमार, जामताड़ा निवासी अशोक कुमार और एक अन्य शामिल है.

इस कार्रवाई में पुलिस टीम ने सात साइबर अपराधी और एक पैसा निकासी व एक खाता उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को पकड़ा हैं. साइबर डीएसपी संदीप सुमन के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी कर साइबर अपराधी को दबोचा हैं. पुलिस ने साइबर अपराधियों के पास से 16 पीस मोबाइल, 25 सीम, दो बाइक समेत अन्य कई सामान जब्त किया है.




