
New Delhi/Hazaribagh: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने झारखंड के हजारीबाग जिले में दो जलाशयों के आसपास निमार्ण कार्य पर रोक लगा दी है. एनजीटी ने ये आदेश एक याचिका पर दिया है. इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य के कारण इन जलाशयों में पानी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा आ हो रही है.
मामले को लेकर न्यायमूर्ति एस पी वांगड़ी और विशेषज्ञ सदस्य नगिन नंदा की पीठ ने एक समिति भी गठित की और उससे 15 दिनों के भीतर इलाके का निरीक्षण करने के लिए कहा है. पीठ में विशेषज्ञ सदस्य सिद्धांत दास भी शामिल रहे.
पीठ ने कहा, ‘इस बीच हम जलाशय का अतिक्रमण कर इलाके में चल रहे निर्माण कार्य और जलाशयों में ठोस कचरा डालने तथा सीवर का पानी बहाने पर रोक लगाते हैं. पीठ ने आदेश के सख्ती से पालन किये जाने की भी बात कही है.
मामले को लेकर सीमित गठित
मामले को लेकर बनायी गयी समिति में पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य और हजारीबाग के जिलाधीश शामिल हैं. पीठ ने कहा, समिति घटनास्थल का संयुक्त रूप से दौरा करेगी और याचिका में जिक्र किए गए तथ्यों के मद्देनजर हालात का आकलन करेगी. पीठ ने कहा कि छह हफ्तों के भीतर समिति अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
एनजीटी झारखंड निवासी सविता कुमारी की याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि झिनझरिया जलाशय और धोबिया तालाब की हालत बिगड़ गई है क्योंकि इनके चारों तरफ अतिक्रमण हुआ है और ये प्रदूषित हो रही हैं.




