
Divy Khare
Bokaro : देश का पूर्णतः अपना स्वदेशी बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल), चीन को स्टील स्लैब और कॉइल का निर्यात कर रहा है. बीएसएल के इतिहास में यह पहली बार है जब उसका कोई स्टील उत्पाद चीन जा रहा है.
कोविद -19 महामारी से आये इस मंदी के दौर में चीन जैसे देशों से बोकारो के स्टील उत्पाद की बढ़ती मांग से कर्मचारियों में खासी उमंग है. कोरोना काल में जहा एक तरफ लोग वायरस के सृजन के लिए चीन को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं, वहां की बनी वस्तुओ को न इस्तेमाल करने के कस्में खा रहे हैं, वहीं चीन झारखंड के बीएसएल से स्टील प्रोडक्टस खरीद रहा है.
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चीन को दुनिया के सबसे बड़े इस्पात उत्पादक देश और अग्रणी इस्पात निर्यातक के रूप में जाना जाता है. पर शायद कोरोना ने वहां के स्टील उद्योगों को काफी प्रभावित किया है. जिस कारण चीन को अपने स्टील की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत के ओर रुख करना पड़ रहा है. चीन को स्टील उत्पादों को परखने का खासा अनुभव है. वह स्टील की क्वालिटी से समझौता नहीं करता. इसलिए काफी मार्केट रिसर्च करने के बाद बीएसएल में बने स्टील उत्पादों पर विश्वास जताया है. जिस पर खऱा उतरने के लिए बीएसएल की कोशिशें जारी हैं.
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स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की इकाई बीएसएल ने लॉकडाउन के शुरू होते ही घरेलू इस्पात बाजार के ख़राब हालत को भांपकर अपना ध्यान अंतरराष्ट्रीय स्टील बाजार की ओर केंद्रित कर दिया था. उस समय की कोशिशें अब सार्थक होती दिख रही हैं. पिछले सप्ताह मई में बीएसएल ने नेपाल को 3000 टन स्टील का निर्यात किया था. अब चीन के अलावा, बीएसएल को वियतनाम, श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश और इराक से हॉट रोल्ड कॉइल्स की आपूर्ति के आर्डर मिले हैं.
बीएसएल के संचार प्रमुख, मणिकांत धान ने Newswing.com से बात करते हुए कहा कि बीएसएल को 30,000 टन कॉन कास्ट स्लैब और 30,000 टन हॉट रोल्ड कॉइल की आपूर्ति के लिए चीन से निर्यात के आर्डर मिले हैं. इसके अलावा, चीन को लगभग 20,000 टन पिग आयरन की आपूर्ति का भी आर्डर मिला है.
उन्होंने कहा, ” चीन से मिले आर्डर सहित हॉट रोल्ड कॉइल के लिए लगभग 54,000 टन निर्यात के आदेश अब तक बीएसएल को प्राप्त हुए हैं. विदेशी बाजार से आगे भी अधिक ऑर्डर मिलने की उम्मीद है. हालांकि बीएसएल समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए मई के अंतिम सप्ताह से अब तक आठ रेलवे रैक चीन को निर्यात कर चूका है. अभी 16 और रेलवे रैक जाना बाकी हैं.”
बीएसएल ने इस बाबत अपना प्रोडक्शन भी बढ़ाया है. लॉकडाउन की शुरुआत होते ही बीएसएल ने अपना प्रोडक्शन आधे के करीब घटा दिया था. जिससे अब 60 परसेंट किया गया है. आगे बढ़ती मांग को देखते हुए ओर भी बढ़ाया जायेगा.
चीन में बीएसएल स्टील की धमक ने भारत को मजबूत करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी द्वारा कहा हुआ ‘लोकल पर वोकल’ को भी सार्थक किया है.
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