
Ravi Aditya
RANCHI: सरकार ने ब्यूरोक्रेट्स से लेकर कर्मचारियों पर शिकंजा कसने की कवायद शुरू कर दी है. आईएएस हों या सहायक एक दिन भी बिना सूचना के बंक मारा तो वेतन कट जायेगा. दरअसल अफसरों और कर्मियों द्वारा बायोमिट्रिक सिस्टम से अटेंडेंस नहीं बनाने के कारण यह कदम उठाया है. अब सरकार बायोमिट्रिक अटेंडेंस को ट्रेजरी से जोड़ने जा रही है. कोषागार से जुड़ने के बाद अगर अफसर या कर्मचारी एक दिन भी अनुपस्थित रहे तो वेतन कट जायेगा. इस व्यवस्था के तहत अफसर-कर्मियों की संपत्ति का विवरण उपलब्ध रहेगा. हर साल कितनी संपत्ति बढ़ी, इसका भी उल्लेख किया जायेगा. इस सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं होगी.
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पूर्व सीएस आरएस शर्मा के समय हुई थी शुरूआत
वर्ष 2014 में पूर्व मुख्य सचिव आरएस शर्मा के समय बायोमिट्रिक सिस्टम से हाजिरी बनाने की शुरूआत हुई थी. इस समय प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस सहित जिलों के कार्यालय में बायोमिट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लगाया गया. इसमें करोड़ों रूपये खर्च किये गये. अफसरों-कर्मियों के फिंगर प्रिंट भी लिये गये. पूर्व सीएस राजीव गौबा के समय तक अधिकांश लोगों ने हाजिरी बनाई. इसके बाद से अधिकांश लोगों ने इस सिस्टम से हाजिरी बनाना छोड़ दिया.
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राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों पर भी शिकंजा
राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों के साथ उस सेवा से जुड़े थर्ड ग्रेड के कर्मियों का भी ऑनलाइन डाटा तैयार होगा. राज्य सरकार ने इसके लिये मानव संपदा सॉफ्टवेयर लांच किया है. इससे हर सेवा के लिये चरणबद्ध डाटा एकत्र किया जायेगा. बाद में हर जिले के समाहरणालयों के अफसर-कर्मियों का डाटा ऑनलाइन किया जायेगा. पहले चरण में प्रशासनिक, वित्त, पुलिस, सूचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग और सचिवालय सेवा के अफसर-कर्मियों का डाटा ऑनलाइन किया जायेगा. ऑनलाइन में गजेटेड और नॉन गजेटेड अफसर-कर्मियों की नियुक्ति से लेकर रिटायरमेंट तक की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी. इसमें किस अफसर व कर्मी को सम्मान मिला, इसका भी जिक्र रहेगा. अधिकारी कर्मचारी कब दंडित हुये इसका भी उल्लेख रहेगा.
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पदस्थापन का पूरा ब्यौरा रहेगा उपलब्ध
ऑनलाइन होने से जिस अफसर का जहां-जहां पदस्थापन हुआ है, उसका पूरा ब्यौरा उपलब्ध रहेगा. एक ही जगह दो बार पोस्टिंग नहीं हो पायेगी. एक जगह पर जमे अफसरों का पता चलेगा या गलत प्रोन्नति के अलावा गलत वेतन निर्धारण हुआ तो पकड़े जायेंगे. सेवानिवृति के समय शीघ्र ही पेंशन का कैलकुलेशन हो सकेगा. सर्विस बुक का पूरा विवरण उपलब्ध रहेगा. रोस्टर ऑनलाइन होने पर किसी भी अफसर-कर्मचारी को आकस्मिक कार्यों पर लगाया जा सकेगा.




